सरकार के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मांगों को अविलंब पूर्ण करने की मांग की। चेतावनी दी कि मांगाें को गंभीरता से नहीं लिया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
धरने को संबोधित करते हुए अध्यक्ष सुधाकर पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर अधिवक्ता कल्याण की योजनाओं को समय से लागू नहीं कर रही है और न ही इसके लिए धन उपलब्ध करा रही है। सरकार ने समय से बार कौंसिल की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो अधिवक्ता प्रदेश व्यापी हड़ताल करेंगे। अपर जिलाधिकारी रमाशंकर यादव को प्रदेश सरकार को संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें अधिवक्ताओं के बीमारी के लिए विशेष अनुदान, सरकार न्यासी समिति में प्रतिवर्ष 40 करोड़ दें, बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष को सह अध्यक्ष न्यासी समिति बनाने, मृतक योजना के तहत पांच लाख रुपये दिया जाए, अधिवक्ताओं का पांच लाख का बीमा और स्टांपेंड योजना को लागू करने की मांग की। धरने में जीत बहादुर सिंह, दिनेश कुमार सिंह, गोपीचंद्र तिवारी, ह्दयनाथ तिवारी, मजहर शकील, राजाराम शुक्ल, श्याम नारायण सिंह, समर बाहदुर, प्रमोद कुमार, रवींद्र बहादुर, मनीष श्रीवास्तव, पंकज तिवारी, राकेश पांडेय, रामसागर चौरसिया, अश्वनी मिश्रा, योगेंद्र प्रताप, प्रमोद, राहुल, जयेश, लक्ष्मीनाथ मिश्रा आदि मौजूद रहे।