औराई। तहसील के अधिवक्ताओं और उप जिलाधिकारी के बीच तनातनी चली है। बुधवार को अधिवक्ता और उप जिलाधिकारी आमने-सामने हो गए। जहां अधिवक्ताओं ने एसडीएम न्यायालय में घुसकर जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। दूसरी तरफ न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए दो फरियादी भी एसडीएम के खिलाफ धरने पर बैठ गए।
अधिवक्ताओं ने बताया कि डिस्ट्रक्टि बार एसोसिएशन का चुनाव होने के कारण कई अधिवक्ताओं को जिला मुख्यालय आना था। इसके लिए अधिवक्ताओं ने बैठक कर एसडीएम को न्यायिक कार्य से विरत होने की जानकारी। आरोप है कि इसके बाद भी एसडीएम न्यायालय में बैठ गए और सुनवाई करने लगे। इसकी जानकारी होते ही अधिवक्ता आक्रोशित हो उठे। इस बीच कई अधिवक्ता न्यायालय में घुसकर नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंची पुलिस ने अधिवक्ताओं को समझाकर न्यायालय परिसर के बाहर आ ले आए। दूसरी तरफ तिउरी गांव निवासी शिवम सिंह और चक केशव निवासी नारायण प्रसाद भी अपनी समस्या लेकर पहुंचे। आरोप है एसडीएम से न्याय न मिलने पर वे भी आक्रोशित होकर धरना देने लगे। एक माह पहले भी अधिवक्ता एसडीएम के स्थानांतरण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं। इस दौरान राजकुमार शुक्ला, रमाकांत दूबे, उपवन मिश्रा, सुनील पाठक, संदीप कुमार, रामयज्ञ पाल, दीपक श्रीवास्तव, संदीप शुक्ला, अनिल पाठक, बसंत लाल यादव सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
क्या बोले एसडीएम
उप जिलाधिकारी आकाश कुमार ने बताया कि दोनों फरियादियों की समस्याओं को निस्तारण का आश्वासन दिया गया था। उनका मामला कोर्ट में भी चल रहा है। इसके बाद भी संतुष्ट नहीं हुए और धरने पर बैठ गए। इसी तरह अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का पत्रक दिया था। 24 व 25 को अवकाश है। उसके बाद मुझे चुनाव संबंधी कार्य में लगना है। ऐसे में न्यायालय चल नहीं पाएगा। इसलिए न्यायालय जाकर कुछ वाद देखें। हम लोगों हर रोज शासन को रिपोर्ट भी देनी होती है। अधिवक्ता न्यायालय में घुसकर नारेबाजी करने लगे।