पूर्वांचल के जिलों में वकील और अमजद की बोलती थी तूती
ज्ञानपुर। बाहुबली मुख्तार अंसारी, मुन्ना बजरंगी और दिलीप मिश्रा गैंग के शार्प शूटर वकील और अमजद का इतिहास भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। छोटी घटनाओं से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले दोनों बदमाश माफिया गिरोहों से जुड़े तो पूर्वांचल के कई जिलों में उनकी तूती बोलने लगी। करीब एक साल से एसटीएफ को दोनों की तलाश थी।
गोपीगंज के बड़े शिव मंदिर मार्ग निवासी राजीव कुमार पांडेय उर्फ वकील पांडेय के खिलाफ पहला मुकदमा सोनभद्र के ओबरा थाने में दर्ज हुआ था। वर्ष 2009 में गैंगेस्टर के तहत वकील पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसके बाद वकील पांडेय का आपराधिक ग्राफ तेजी से बढ़ता ही गया। वर्ष 2011 में भदोही और गोपीगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुए थे, जबकि वर्ष 2013 में मिर्जापुर के कटरा थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। 2013 में डिप्टी जेलर की हत्या के मामले में वाराणसी के कैंट थाना में मुकदमा दर्ज हुआ। वकील पर 50 हजार का इनाम घोषित होने के साथ ही वह भदोही जिले का टॉप-टेन अपराधी भी था। इसके अलावा भदोही का अमजद भी चोरी और लूट की घटनाओं से अपराध की दुनिया में कदम रखा। वर्ष 2010 में वह चोरी के एक घटना में पकड़ा गया और बाद में वर्ष 2012 में असलहा दिखाकर एक लूट में भी वह नामजद हुआ। उसके बाद अमजद के खिलाफ एक दशक के अंदर ही तकरीबन 20 से अधिक मुकदमे पूर्वांचल के विभिन्न जिलों संग झारखंड में भी दर्ज हुए। कालीन कारोबारी का बेटा अमजद हस्तकला का माहिर बताया जाता है। किसी समय वह रंग-बिरंगी कालीनों की बुनाई करता था। बुनाई करने वाली अंगुलियां कब पिस्टल चलाने में माहिर हो गई, परिजनों को पता ही नहीं चल सका।
वैन से अमजद ने लूटे थे 90 हजार रुपये
भदोही। कुख्यात अमजद भदोही में बहुत कम रहता था। उसका विवाह मिर्जापुर में होने के बाद वह अधिकतर समय वहीं रहता था। वर्ष 2012 में स्टेट बैंक से 90 हजार रुपये निकाल कर मारुति वैन से घर जा रहे हाजी सुहैल को जल्लापुर मार्ग पर रिवाल्वर से धमकाकर उसने लूटपाट की थी। मुठभेड़ की जानकारी होते ही जल्लापुर निवासी व्यवसायी हाजी सुहैल के जेहन में लूट की वारदात ताजा हो गई। उन्होंने बताया कि वे अपनी मारुति वैन में रुपयों से भरा बैग पिछली सीट पर रख कर घर पहुंचने वाले ही थे कि बाइक से अमजद और उसका एक साथी रास्ते में आ गए। दूसरे व्यक्ति ने रिवाल्वर दिखाकर मुझे डराया और अमजद ने ईंट से पिछले दरवाजे का शीशा तोड़ कर पिछली सीट पर रखा बैग उठा लिया। हाजी सुहैल ने कहा कि अमजद ने अपना मुंह नहीं बाधा था लेकिन उसका साथी जो मुंह बांध रखा था वह वकील पांडेय ही था।
बेटे को साजिश के तहत मारा गया : पिता
लालानगर। मुठभेड़ में मारे गए वकील पांडेय ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी। तीन भाइयों में सबसे छोटे वकील पांडेय की शादी 15 वर्ष पूर्व मिर्जापुर के मनकटी जिगना की पिंकल से हुई थी। वकील के दो पुत्र और एक पुत्री है। वकील के बुजुर्ग पिता सहसराम पांडेय ने बताया कि उस पर दर्ज मुकदमों में जमानत मिली थी। योगी सरकार सिर्फ एनकाउंटर में लगी है। पुलिस ने साजिश के तहत उनके बेटे को मारा है।
मां ने अमजद को बताया निर्दोष
भदोही। नगर के रामहायपुर निवासी अमजद की मौत की खबर सुनकर परिजन हतप्रभ रह गए। उसकी मां केसरी बानो ने कहा कि मेरा बेटा बदमाश नहीं था। घर में खाने के लिए दाना नहीं है। बदमाश होता तो हम लोग क्या भुखमरी का जीवन जी रहे होते। मां ने कहा कि मेरा बेटा दूसरे बदमाशों की साजिश का शिकार हुआ है। बताया कि गत रविवार को वह घर आया था। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद घर के लोग शव लेने के लिए प्रयागराज रवाना हो गए।