लालानगर। लॉकडाउन के तीसरे चरण में मादक पदार्थों की दुकानें खोलकर शासन-प्रशासन सोशल डिस्टेंस तोड़ने और लाकडाउन के उल्लंघन की खुली छूट दे रहा है। इससे संकट बढ़ सकता है। शराब की दुकानों को तत्काल प्रभाव से बंद करा देने में ही समझदारी होगी। यह बातें कांग्रेस की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. नीलम मिश्रा ने कही। बताया कि देश में पहले 10 हजार संक्रमित 75 दिनों में मिले थे। इसके बाद आठ दिन में 10 हजार और मिले। आंकड़े दर्शाते हैं कि जांच सरकार ने काफी हद तक कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाया है, लेकिन सोमवार से कुछ हद तक दुकानों को खोलने की अनुमति एक बार फिर संक्रमण बढ़ाने का संकेत दे रही है। शराब की दुकानों को खोलने की छूट मिलते ही इन पर लंबी कतारें लगने लगी हैं। राशन-दवा को छोड़कर अब लोग शराब, पान, गुटखा की ओर अग्रसर हो रहे हैं।