जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट में बुधवार को जनगणना में लगने वाले फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया। जिलाधिकारी और प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी शैलेष कुमार की मौजूदगी में प्रशिक्षकों ने विभिन्न बारीकियों से अवगत कराया।
डीएम ने कहा कि जनगणना देश के विकास एवं जनकल्याण की योजनाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण आधारभूत कार्य है। लापरवाही पर कार्रवाई होगी। जनगणना के आंकड़े विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार होते हैं।
इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे फील्ड ट्रेनर्स अपने दायित्वों को गंभीरता से समझते हुए प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से प्राप्त करें। प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की बेसिक प्रशिक्षण अवधारणाओं, एचएलवी (हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग) से संबंधित प्रश्नों के उत्तर, प्रगणकों के संभावित प्रश्नों का समाधान और अन्य प्रशिक्षण गतिविधियों की तैयारी कराई जाएगी।
डीएम ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु को गंभीरता से समझें तथा शॉर्ट नोट एवं वर्किंग नोट भी तैयार करें, जिससे प्रगणकों को प्रशिक्षण देते समय आवश्यक जानकारी सरलता एवं स्पष्टता के साथ उपलब्ध कराई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे पूर्व 16 से 30 नवंबर 2026 तक नागरिकों को स्व-गणना का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिक निर्धारित पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार एवं परिवार के सदस्यों से संबंधित आवश्यक विवरण दर्ज कर सकेंगे। इस मौके पर एडीएम शुभांगी शुक्ला, सीडीओ बाल गोविंद शुक्ला, डीआईओएस अंशुमान, बीएसए शिवम पांडेय आदि रहे। संवाद