ज्ञानपुर। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए सरकार भले ही गंभीर है, लेकिन कुछ चिकित्सक उससे इत्तेफाक नहीं रखते हैं। ताजा मामला एक संविदा चिकित्सक का है। जो चार साल की तैनाती में सुरियावां और दुर्गागंज सीएचसी पर तैनात रहा। अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी की शिकायत पर एडिशनल सीएमओ की जांच में पाया गया कि चिकित्सक डॉ. राजीव गौतम अस्पताल आए बिना ही मानदेय उठा रहे हैं। कुछ कर्मियों के तालमेल से हस्ताक्षर भी रजिस्टर पर हो जाता है। मामला संज्ञान में आने पर अगस्त का मानदेय रोका गया है, लेकिन इतने दिनों तक किस आधार पर मानदेय का भुगतान हो रहा है उस पर सवाल उठ रहा है। डिप्टी सीएमओ ने हस्ताक्षर पंजिका में ओवर राइटिंग, अनुपस्थिति होने के बाद भी फर्जी हाजिरी और डॉक्टरों की फोटोग्राफी में उनकी उपस्थिति न पाने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी है।