निरीक्षण के दौरान करीब तीन दर्जन डाक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। एसडीएम की आख्या पर डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण मांगा। विकास भवन पर एसडीएम को पहुंचा देख कई कर्मचारी हांफते हुए पहुंचे।
सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों के समय से न पहुंचने की शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बुधवार को एसडीएम ज्ञानपुर उमाकांत त्रिपाठी को विकास भवन और जिला अस्पताल का निरीक्षण कर आख्या देने को कहा। डीएम के निर्देश पर एसडीएम सुबह 10 बजे ही विकास भवन धमक गए।
दस बजे तक विकास भवन के कई विभागों के दफ्तरों का ताला भी नहीं खुला था। एसडीएम ने डीडीओ कार्यालय के समीप बैठकर सभी विभागों के उपस्थिति पंजिका रजस्टिर को मंगाया और उसका अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय के आधा दर्जन कर्मचारी और डाक्टर अनपुस्थित पाए गए। विकास भवन में डीडीओ कार्यालय के अरूण कुमार श्रीवास्तव, राजेंद्र विश्
वकर्मा, विजय प्रकाश मिश्र, रेहान, दिलीप श्रीवास्तव, प्रमोद चंद्र पांडेय, कौशल विकास मिशन कार्यालय के आंचल कुमार सिंह, विनय शंकर, आनंद संजय कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के रामायण, मनोज कुमार, परियोजना निदेशक कार्यालय के अशोक गोयल, रामउजागिर सिंह, कमलेश, शोभाराम मालवीय, सहकारिता विभाग के प्रवीण कुमार, युवा कल्याण विभाग के नीरज अपर संख्याधिकारी कार्यालय के लक्ष्मी नारायण मौर्य, पंकज सक्सेना, कैलाश यादव, समीर मिश्रा सहित 26 लोग अनुपस्थित रहे।
जिला अस्पताल के परामर्श दाता डा. अजदा खांन सहित छह लोग सहित 32 लोगों के अनुपस्थिति रिपोर्ट एसडीएम ने डीएम को सौंपी। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी का एक दिन का वेतन काटते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने कहा कि अब लगातार सरकारी दफ्तरों का निरीक्षण चलेगा। अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यप्रणाली में सुधार लाएं अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके पूव्र विकास भवन पर एसडीएम के निरीक्षण के दौरान कई कर्मचारी हांफते हुए पहुंचे।