फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘लैंगिक समता के लिए योग्यता बने आधार’

विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञानपुर। काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को मध्यकालीन और आधुनिक इतिहास विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हो गया । इस दौरान समापन सत्र के मुख्य अतिथि के रुप में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति प्रो.टीएन सिंह ने कहा कि लैंगिक समता के लिए प्रतिशतता नहीं योग्यता को आधार बनाया जाना चाहिए। कुलपति ने कहा कि सामाजिक वैज्ञानिकों को लैंगिक विकास और मानवाधिकार पर समग्रता से विचार करने की जरूरत है।
विज्ञापन

मुख्य अतिथि ने कहा कि सूचना के अधिकार का विवेकपूर्ण उपयोग होना चाहिए न कि अपने निजी स्वार्थ के को पूरा करने के लिए । उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मानवाधिकार के प्रारंभ होने के पश्चात लोगों के व्यवहार में कोई परिवर्तन हुआ है या नहीं इस पर भी शोध की जरूरत है । विशिष्ट अतिथि डॉ. सत्येंद्र सिंह यादव ने सेमिनार के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य और सेमिनार के संयोजकों की प्रशंसा की। सेमिनार में शोध पत्रों की संक्षिप्त रिपोर्ट डॉ. चंद्रभान यादव ने प्रस्तुत किया। इसके अलावा हायर एंड टेक्निकल एजूूकेशन के सहायक निदेशक मो.रईस खान ने जेंडर को एक सामाजिक अवधारणा बताया। डॉ. शिवशंकर सिंह और डॉ. हरिवंश सिंह ने लैंगिक समता से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला।
इस दौरान सेमिनार के तकनीकि सत्रों की अध्यक्षता डॉ. किरण शर्मा और डॉ. आलिया रिफत ने की। जबकि कार्यक्रम का संचालन महेंद्र कुमार ने किया । इस अवसर पर डॉ. विनय मिश्रा, डॉ. मनोज कुमार अवस्थी, आनंद कुमार, डॉ. रश्मि, डॉ. बालकेश्वर, डॉ. घनश्याम मिश्रा, अमित गोयल, डॉ. कामिनी वर्मा, डॉ. रमेश यादव, डॉ. आरपी यादव, डॉ. रोशन प्रसाद, डॉ. महेंद्र त्रिपाठी, डॉ. अभिमन्यु, आदि प्राध्यापक उपस्थित रहे । ।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें