विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से अनुदान और संसाधन प्राप्त करने के लिए काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (केएनपीजी) का नैक टीम से फिर मूल्यांकन कराने की तैयारी चल रही है।
इस बार कॉलेज का पूरा प्रयास ए ग्रेड हासिल करने का है। वर्ष 2008 में नैक के मूल्यांकन के बाद कॉलेज को बी ग्रेड मिली थी।
मूल्यांकन के लिए कॉलेज प्रशासन ने यूजीसी को प्रस्ताव भी भेज दिया है। प्रस्ताव मंजूर होते ही कालेज में नैक टीम सुविधाओं की जांच कर अनुदान आदि के लिए मंजूरी देगी।
केएनपीजी कॉलेज में पहली बार नैक मूल्यांकन सात साल पूर्व 2008 में प्राचार्य डॉ. श्यामलाल के कार्यकाल में हुआ था। मूल्यांकन के लिए आई नैक टीम ने केएनपीजी को बी ग्रेड अनुदान के लिए चुना था।
लेकिन इस बार कॉलेज प्रशासन ए ग्रेड पाने के लिए मशक्कत कर रहा है। उसका मानना है कि यदि ए ग्रेड मिल जाए तो कॉलेज को यूजीसी से बेहतर ग्रांट मिल सकेगी।
साथ ही वह छात्र-छात्राओं को और अधिक सुविधाएं उपलब्ध करा पाएगा। कालेज को अनुदान और संसाधन के जरिए तमाम सुविधाओं से लैस करने के लिए प्राचार्य डॉ. हिरेंद्र प्रताप सिंह ने ए ग्रेड पाने की पहल शुरू कर दी है।
नैक टीम के आने के मद्देनजर तैयारियां जारी हैं। माना जा रहा है कि नैक टीम आगामी फरवरी में कॉलेज का दौरा कर सकती है।
उल्लेखनीय है कि यूजीसी उच्चस्तरीय शिक्षण संस्थानों का नैक टीम से मूल्यांकन कराने से पूर्व उसके प्रस्ताव का गहनता से अध्ययन कराता है। आवश्यक होने पर ही नैक से मूल्यांकन कराया जाता है।
जिले के कुछ अन्य कालेजों ने भी पूर्व में नैक मूल्यांकन के लिए यूजीसी को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वे खारिज हो चुके हैं। प्राचार्य डॉ. हिरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होंने कॉलेज की बेहतरी के लिए नैक मूल्यांकन का प्रस्ताव यूजीसी के पास भेज दिया गया है।
कोशिश है कि कॉलेज को ए ग्रेड दिलाया जाए। ए ग्रेड मिलने के बाद कालेज में सुवधिाएं बढ़ेंगी और शिक्षा के स्तर मंे सुधार होगा। इससे छात्रों को लाभ होगा।