ज्ञानपुर। शासन-प्रशासन की सख्ती के बाद भी अवैध अस्पतालों का संचालन थम नहीं रहा है। शिकायतों की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 10 अवैध क्लीनिक पर पांच लाख का अर्थदंड लगाया है। एक सप्ताह में सरकारी मद में पैसा न जमा करने पर विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
जिले में दो जिला अस्पताल, पांच सीएचसी और 17 पीएचसी के अलावा 50 पंजीकृत निजी अस्पताल संचालित हैं, लेकिन तब भी फर्जी डिग्री और झोलाछाप जगह-जगह क्लीनिक खोलकर मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की कृपा से अस्पतालों का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी और सोनी सिंह ने 10 अस्पतालों के अवैध संचालन की शिकायत की थी। जिस पर सीएचसी प्रभारी गोपीगंज आशुतोष पांडेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. जेपी सिंह, डॉ. जीएस चौधरी और सीएचसी प्रभारी सुरियावां रितेशभुवन पाठक ने जांच की। स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच में सभी अस्पताल अवैध ढंग से संचालित मिले। जांच आख्या पर सीएमओ डॉ. लक्ष्मी सिंह ने डॉ. कांतिलाल चौरसिया क्लीनिक अइनछ नहर पुल के पास, प्रबंधक आईडियल डेंटल क्लीनिक जंगीगंज सूबेदार सिंह, सुषमा हास्पिटल चौरी रोड मानिकपुर की संचालक सुषमा सिंह,सुबराती क्लीनिक त्रिलोकपुर के डॉ. सुबराती, शकुंतला क्लीनिक त्रिलोकपुर के डॉ. शाहनवाज अहमद, पांडेय नर्सिंग होम एवं मेडिकल स्टोर सुरियावां के जय प्रकाश पाठक, वंदना नर्सिंग होम भरोसगंज महराजगंज के प्रबंधक डॉ. उमेश कुमार बिंद, सेवा सदन अस्पताल अईनछ ठकुरैनी क तारा के प्रबंधक डॉ. नारायण तिवारी, बसवापुर चौराहा स्थित पंचम क्लीनिक के डॉ. पंचम यादव और रविंद्र क्लीनिक अईनछ ठकुरैनी क तारा के प्रबंधक डॉ. रविंद्र कुमार शर्मा के खिलाफ 50-50 हजार का अर्थदंड लगाया। इसमें चार क्लीनिक ऐसे हैं जिनके खिलाफ पूर्व में जुर्माने का आदेश हुआ था लेकिन वे कोषागार में अर्थदंड की रकम को जमा नहीं किया। सीएमओ ने सख्त चेतावनी दिया कि एक सप्ताह में अर्थदंड न जमा करने पर दूसरा जुर्माना लगाने के साथ ही विधिक कार्रवाई की जाएगी।