ज्ञानपुर। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन सोमवार को देवी मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिरों में भोर से ही पूजन-अर्चन का दौर चलने लगा, जो देर रात तक चला। विभिन्न देवी मंदिरों में श्री दुर्गा सप्तशती पाठ, अखंड रामायण, सुंदरकांड, भजन-कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया गया।
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन आदिशक्ति मां चंद्रघंटा के स्वरूप की उपासना की गई। ज्ञानपुर के पुरानी बाजार स्थित घोपैला स्थित शीतला माता मंदिर पर दिन भर आस्थावानों की भीड़ उमड़ी रही। जयकारा शेरावाली का...के जयघोष से देवीधाम गूंजता रहा। इसी तरह हरिहरनाथ मंदिर स्थित मां काली, शीतला और दुर्गा मां के मंदिरों में देवी आराधना के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। गोपीगंज नगर के सदर मुहाल स्थित प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा था। मंदिर पर दिन भर भजन-कीर्तन, दुर्गा सप्तशती पाठ के साथ ही शाम को बाजार की महिलाओं ने भजन और गीत गाए।
डेरवां के गंगा तट पर स्थित प्राचीन मां शीतला माता मंदिर पर मेले जैसा माहौल रहा। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। भक्तों ने नारियल, चुनरी, मिष्ठान आदि का भोग लगाया। सीतामढ़ी स्थित सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में नवरात्र के चलते मेले जैसा माहौल है। दिनभर दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ पहुंच रही है। सैकड़ों भक्तों ने जगत जननी मां जानकी के दरबार में हाजिरी लगाई। इसी तरह क्षेत्र के जंगीगंज, कोइरौना, ऊंज, वहिदानगर, गोपीगंज, घोसिया, खमरिया, औराई, बाबूसराय, चौरी, भदोही, सुरियावां, दुर्गागंज, अभोली आदि क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों में देवी की पूजा और आराधना की गई। विभिन्न स्थानों पर लगाए गए पंडालों में कुछ स्थानों पर देवी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना शुरू कर दी गई है, जबकि अधिसंख्य स्थानों पर पंचमी और सप्तमी को प्राण प्रतिष्ठा कर पूजन अर्चन शुरू किया जाएगा।