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बारिश पर आस्था भारी, मंदिरों में उमड़े भक्त

Sun, 06 Oct 2013 05:38 AM IST
Bhadohi
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ज्ञानपुर। शारदीय नवरात्र के पहले दिन शनिवार को जिले भर के देवी मंदिरों में या देवी सर्वभूतेषु प्रकृति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नम: वैदिक मंत्रोच्चार गूंज उठे। जिले में बारिश पर भक्तों की आस्था भारी पड़ी। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने देवी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। यह सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। नौ दिवसीय व्रत रखने वाले भक्तों ने कलश स्थापना की। कई पूजा पंडालों में मां की भव्य प्रतिमा स्थापित की गईं। मंदिरों पर दुर्गा सप्तशती पाठ और भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया।
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देवी आराधना के पावन पर्व नवरात्र के पहले दिन शनिवार को मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की गई। जिले के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल सीता समाहित स्थल सीतामढ़ी में हजारों भक्तों ने पहुंचकर जगत जननी की आराधना की। सीतामढ़ी में दिन भर मेले जैसा माहौल रहा। मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में खिलौना, सौंदर्य प्रसान और खाने-पीने के सामानों की दुकानें सजी रहीं। जहां भक्तों ने दर्शन पूजन के बाद खरीदारी की। ज्ञानपुर क्षेत्र के घोपइला स्थित शीतला माता मंदिर पर सुबह से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। इस मंदिर की महिमा जिले भर में प्रसिद्ध है। इसके अलावा नगर के पुरानी बाजार, छोटा डीह, हरिहरनाथ मंदिर, दूधनाथ मंदिर आदि स्थानों पर स्थित देवी मंदिरों में दिनभर दर्शन पूजन का दौर चलता रहा। श्रद्धालुओं ने आदिशक्ति जगत जननी मां दुर्गा को नारियल, चुनरी, फल, फूल, मिष्ठान आदि अर्पित किया।
गोपीगंज नगर के सदर मुहाल स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। देवी मंदिरों पर भजन, कीर्तन, सुंदरकांड, श्रीरामचरित मानस, श्रीदुर्गा सप्तशती पाठ और प्रवचन का आयोजन किया गया है। गोपीगंज क्षेत्र के डेरवां गंगाजी तट पर स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करके बाद देवी की पूजा अर्चना की। भक्तों ने व्रत रखकर देवी की उपासना की। इसी तरह जिले के सुरियावां, औराई, घोसिया, खमरिया, जंगीगंज, ऊंज, सीतामढ़ी, कोइरौना, दुर्गागंज, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी, भदोही आदि स्थानों पर भी देवी मंदिरों में भक्तिमय वातावरण रहा। श्रद्धालुओं ने अपने घरों में भी कलश स्थापना करके विधि-विधान से देवी की पूजा की।
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