ज्ञानपुर। मान्यवर कांशी राम शहरी निर्बल आवास को किराए पर देना आवंटियों को भारी पड़ेगा। पिछले दिनों विभागीय स्तर से की गई छापेमारी के दौरान 10 फीसदी आवास किराए पर मिले थे। नगर पंचायत की ओर से ऐसे आवासों को दूसरे पात्रों को आवंटित करने की कवायद की जा रही है।
बसपा सरकार में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने राजनीतिक गुरु मान्यवर कांशीराम की स्मृति में शहरी गरीबों के लिए मान्यवर कांशीराम शहरी निर्बल आवास बनवाया। ज्ञानपुर नगर से सटे कंसापुर गांव में करीब 28 करोड़ की लागत से 1500 आवास बनाए गए। कई महीने के मशक्कत के बाद जिले के अलग-अलग नगर पालिका और नगर पंचायतों से लोगों का चयन कर आवास आवंटित किया गया। आवास आवंटन के बाद काफी संख्या में लोग अपने भवनों को किराए पर उठा दिया है।
पखवारे भर पूर्व तहसील दिवस में आई शिकायत के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर कांशीराम आवास पर डूडा अधिकारी, तहसीलदार ज्ञानपुर की संयुक्त टीम ने छापेमारी की थी उस दौरान 40 फीसदी आवासों में ताला बंद मिला जबकि 10 फीसदी आवास किराए पर पाए गए। नगर पंचायत से तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत और उप जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि अक्तूबर महीने में किराए पर मिले आवासों की मुनादी कराकर दूसरे पात्रों को एलाटमेंट किया जाएगा।