ज्ञानपुर। बेरोजगारों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से चलाई जा रही बेरोजगारी भत्ता योजना शिक्षा प्रेरकों को नौकरी के बाद भी मिलती रहेगी। भत्ता नियमावली के तहत 36 हजार तक पारिवारिक आय वाले लोगों को भत्ता दिया जा सकता है। ऐसे में नौकरी पाने के बाद उहापोह के दौर से गुजर रहे शिक्षा प्रेरकों को राहत मिली है।
प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता योजना दुबारा प्रभावी कर दी गई। वर्तमान समय में जिले के करीब 21 हजार बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता मिल रहा है। जिले में दो साल से लटकी शिक्षा प्रेरकों की नियुक्ति की प्रक्रिया तीन दिन पूर्व पूर्ण हो गई। जिले में 962 प्रेरकों में करीब 800 ऐसे प्रेरक हैं जो सेवायोजन विभाग में पंजीकृत होकर बेरोजगारी भत्ता ले रहे थे। नौकरी मिलने के बाद शिक्षा प्रेरक भत्ते को लेकर असमंजस की स्थिति में आ गए थे लेकिन विभाग ने उनके असमंजस को दूर कर दिया है। जिला सेवायोजन अधिकारी आरडी राम ने बताया कि बेरोजगारी भत्ता नियमावली में 36 हजार तक आय वाले बेरोजगारों को भत्ता मिलेगा। लेाक शिक्षा केंद्रों के लिए चयनित शिक्षा प्रेरकों को प्रति माह दो हजार मानदेय संग सालाना 24 हजार रुपये मिलेगा। उन्होंने बताया कि 24 हजार सालाना मानदेय पाने के बाद भी वह भत्ते के लिए पात्र होंगे