फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राशृन कार्ड पंजीयन में व्यापक धांधली, पात्र फेल अपात्र पास

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

ज्ञानपुर। कोटेदार और आपूर्ति विभाग की गुणा गणित से गरीबों तक उनके हक का राशन नहीं पहुंच पा रहा है। उनकी कारगुारियों से राशन कार्ड की सूची में अपात्रों को पास और पात्रों को फेल करने का खेल चल रहा है। इससे हर रोज पूर्ति विभाग में बड़ी संख्या में राशन कार्ड में हेर-फेर की शिकायतें लेकर लोग पहुंच रहे हैं। उन्हें पात्रता की जांच कराकर सूची में शामिल कराने का आश्वासन देकर जिम्मेदारी पूरी कर ली जा रही है। राशन कार्ड में सबसे ज्यादा खेल की शिकायत डीघ और अभोली ब्लॉकों से आई है।
राशन कार्ड में पारदर्शिता के उदेश्य से प्रदेश सरकार ने ई-पॉश मशीन से राशन वितरण प्रणाली शुरू करने के साथ ही राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कराने का फरमान जारी किया। लेकिन, शासन डाल-डाल तो राशन माफिया पात-पात चलने लगे। मिलीभगत से कोटेदार और विभागीय अधिकारी ही शासन के इरादे पर पानी फेर रहे हैं। इस खेल में राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले अपात्र पास हो जा रहे हैं और पात्रों को फेल कर दिया जा रहा है। इसकी शिकायत के लिए हर रोज जिलापूर्ति कार्यालय और डीएम समेत एसडीएम के यहां राशन पीड़ित पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उनका आरोप है कि पूर्व में उन्हें राशन मिल रहा था, लेकिन ऑनलाइन के चक्कर में उनकी जगह अपात्रों का नाम चढ़ा दिया गया है। अभोली क्षेत्र निवासी चतुरीलाल गौतम, नन्हकू, सूर्यनाथ, शिवपाल और तारक कुमार ने बताया कि पात्रता सूची से उनका नाम गायब कर दिया गया है। इसके लिए वह चार महीने से ज्यादा समय से विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। आपूर्ति विभाग की ओर से जल्द सत्यापन कराकर सूूची से अपात्रों का नाम काटकर पात्रों का नाम चढ़ाने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। लेकिन, यही आश्वासन उन्हें पिछले चार महीनों से मिल रहा है। जिलापूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सत्यापन की जिम्मेदारी सेक्रेटरी की होती है। उनके ओर से मिले रिपोर्ट के आधार पर सूची में फेर बदल किया जाता है। लेकिन, गरीबों को राशन नहीं मिलने का जिम्मेदार कौन है, इसका विभाग के पास भी जवाब नहीं है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें