ज्ञानपुर। प्रधान कोटेदार की मिलीभगत और पूर्ति विभाग की उदासीनता से राशन कार्ड के लिए बड़ी संख्या में अपात्रों का चयन कर लिया गया है। इससे राशन कार्ड के लिए पात्र होने का दावा करने वाले लोग विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। जिलापूर्ति विभाग के अनुसार राशन कार्ड के लिए निर्धारित लक्ष्य 79.92 फीसदी तक पूरा कर लिया गया है। अपात्रों का नाम काटे बगैर पात्रता सूची में एक भी नाम नहीं बढ़ाए जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन कर लगभग 38 हजार लोग विभाग का चक्कर काट रहे हैं।
राशन कार्ड सूची में पारदर्शिता के उद्देश्य से शासन की ओर से मैनुअल की जगह राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाने लगा, जिसमें कोटेदार, ग्रामप्रधान आदि की मिलीभगत और पूर्ति विभाग की लापरवाही से बड़ी संख्या में पात्रों की सूची में अपात्रों का नाम चढ़ा दिण् गए। जनपद में राशन कार्ड की पात्रता सूची के लिए 79.56 फीसदी लक्ष्य दिया गया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लक्ष्य पूरा होने के कारण पात्रता सूची में बिना फेर बदल किए नया नाम नहीं जोड़ा जा सकता है। लक्ष्य पूरा होने के बाद 3792 नए आवेदक ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। पात्रता का लक्ष्य पूरा होने से सारे आवेदन अधर में लटक गए हैं।
विभाग का कहना है कि सूची का सत्यापन कर अपात्रों का नाम काटकर पात्रों का नाम बढ़ाए जाएंगे। जनपद में 3,21,215 राशनकार्ड धारक हैं। इनमें 38,264 अंत्योदय और 2,82,951 पात्र गृहस्थी कार्डधारक हैं। ऑनलाइन आवेदन में खेलकर बड़ी संख्या में अपात्रों का चयन होने से पात्र लाभार्थियों को राशन से वंचित होना पड़ रहा है। इस संबंध में पूछे जाने पर डीएसओ अमित तिवारी ने कहा कि राशन कार्ड के लिए निर्धारित पात्रता का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। बिना सूची में फेरबदल किए नया नाम नहीं जोड़ा जा सकता है। इसके लिए लाभार्थी और आवेदक दोनों की पात्रता का सत्यापन कराया जा रहा है। ब्लॉक स्तर पर बीडीओ को सत्यापन की जिम्मेदारी दी गई है।