ज्ञानपुर। करीब पखवाड़े भर बाद बृहस्पतिवार को कालीन नगरी के मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। दिनभर आसमान में काले बादलों की घेरेबंदी के बाद देर शाम इंद्रदेव मेहरबान हो गए और रिमझिम बारिश होने लगी। आधे बाद बारिश बंद हो गई, लेकिन जानकार देर रात तेज बारिश की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं।
बृहस्पतिवार सुबह 13 किमी प्रति घंटे की हवाओं के साथ आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ हो रही थी। धीरे-धीरे यह घेरेबंदी बढ़ती गई और दोपहर तक आसमान काले बादलों से ढक गया। इस दौरान चलीं हवाओं से मौसम में नरमी बढ़ गई। इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। सिंचाई की आस लगाए किसानों के चेहरे उम्मीद से खिल गए, लेकिन सामान्य जनजीवन प्रभावित हो गया। लोग ठंड बढ़ने से ठिठुरने लगे। दिनभर बादलों की घेरेबंदी के बाद शाम छह बजे बारिश शुरू हो गई। ज्ञानपुर, सुरियावां, कौलापुर समेत विभिन्न इलाकों में आधे घंटे से अधिक समय तक रिमझिम बरसात हुई। इससे निचले इलाकों और कच्ची सड़कों पर कीचड़ का साम्राज्य हो गया। मौसम का असर शाम को यातायात पर भी पड़ा। बारिश के कारण सड़कों पर वाहनों का टोटा हो गया। गरज-चमक के साथ बारिश और हवाओं के चलते जिले के तापमान में गिरावट आई। बृहस्पतिवार को जिले का अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। इससे ठंड बढ़ने का एहसास हुआ।
फसलों के लिए फायदे की बारिश
ज्ञानपुर। गरज-चमक के साथ बृहस्पतिवार को हुई रिमझिम बारिश ज्यादातर फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि यह बारिश गेहूं और विभिन्न फसलों के लिए फायदेमंद है। ज्यादा बारिश होगी तो सरसो, आलू आदि के लिए दिक्कत आ सकती है। लेकिन, अभी ऐसा संकेत नहीं मिल रहे हैं।