ज्ञानपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में अधिक धन खर्च करने वाली जिले की 60 ग्राम पंचायतों की जांच की जाएगी। जिलाधिकारी ने जांच के लिए 30 अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इससे संबंधितों की बेचैनी बढ़ गई है।
बेरोजगार ग्रामीणों को अपने गांव में रोजगार मुहैया करने के मकसद से केंद्र सरकार मनरेगा योजना चला रही है। इसमें सबको 100 दिन के काम की गारंटी दी जाती है। योजना में नाली, खड़ंजा निर्माण, तालाब की खुदाई समेत कई कार्य कराए जाते हैं। जिले की 561 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिले के छह ब्लॉकों की 60 ग्राम पंचायतों ने मानक से अधिक धन खर्च कर दिया। यह मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के कान खड़े हो गए। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने सभी 60 गांवों की जांच का निर्देश देते हुए सत्यापन के लिए 30 अधिकारियों की टीम लगा दी। इसमें अभोली ब्लॉक के नीबी, वीरभद्रपट्टी, दानूपुर पश्चिम पट्टी, मिश्राइनपुर, अमिलहरा, श्रीपुर, मकनपुर रोही, कुड़वा, नागमलपुर, सरायहोला, औराई में चकापुर, उमरहा, बनवारीपुर, उपरौठ, गिर्दबड़गांव, अमवामाफी, बनौली, बरजी कला, कैयरमऊ, हथियाडीह गांव शामिल हैं। इसी तरह भदोही ब्लॉक में उमरी, शेरवा, पिपरिस, बढाउन, रयां समेत 10 गांव शामिल हैं। ऐसे ही डीघ, ज्ञानपुर और सुरियावां ब्लॉक के 10-10 गांवों का सत्यापन किया जाएगा।