ज्ञानपुर। जिले में धान खरीद की स्थिति शुरुआती दौर में ही बेपटरी हो चुुकी है। करीब एक पखवाड़े बाद भी सात केंद्रों पर जहां बोहनी नहीं हो सकी, वहीं खाद्य विभाग के चार केंद्रों पर 18.8 एमटी धान खरीदा गया। इसमें सबसे अधिक खरीद सुरियावां क्रय केंद्र पर हुई। विभाग का मानना है कि तय समय तक लक्ष्य से अधिक धान की खरीद होगी।
रबी और खरीफ सीजन में सरकार किसानों से गेहूं और धान की खरीद करती है। एक नवंबर से फरवरी तक होने वाली धान खरीद के लिए जिले में 11 केंद्र बनाए गए हैं, जो 2017 की तुलना में नौ कम हैं। शासन की ओर से 35 हजार एमटी धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष 5250 की तुलना में इस बार करीब 8000 किसानों ने पंजीकरण कराया है। एक नवंबर से शुरू हुई धान खरीद में अब तक सात केंद्रों पर धान खरीद की बोहनी तक नहीं हो सकी है। इसके पीछे क्रय केंद्रों पर बरती जा रही लापरवाही प्रमुख है। पीसीएफ के कई केंद्रों पर अब तक न तो बोरे आदि रखे गए और न ही व्यवस्थाएं। इससे किसान भी चिंतित होने लगे हैं। खाद्य विभाग के चार केंद्रों पर 18.8 एमटी धान खरीदा जा चुका है। विभाग का मानना है कि मिलरों और निरीक्षकों की हड़ताल से खरीद प्रभावित हुई, लेकिन निर्धारित समय तक लक्ष्य से अधिक धान की खरीद की जाएगी। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्रा ने कहा कि 2017 के सापेक्ष इस साल केंद्रों की संख्या नौ कम है। 11 केंद्रों के सहारे लक्ष्य को पूर्ण करना है। शुरूआती दौर में हड़ताल से खरीद प्रभावित हुई जो धीरे-धीरे सही हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सुरियावां के क्रय केंद्र पर सबसे अधिक पांच एमटी की खरीद हुई है।