गोपीगंज/ज्ञानपुर। जिले के गोपीगंज और ज्ञानपुर नगर में आध्यात्मिक कथाओं में प्रवचन सुनने के लिए बृहस्पतिवार को भीड़ उमड़ पड़ी। कथा का रसपान कर श्रद्धालु भक्ति रस डूब गए। कथा के दौरान धार्मिक उद्घोष से वातावरण गूंज उठा। गोपीगंज नगर के नारायण कटरा में चल रही श्री हरि कथा के दूसरे दिन आशुतोष जी महराज के कृपा पात्र स्वामी अमरेश्वरानंद ने कथा का रसपान कराते हुए भगवान शिव को काल जीत बताया। लोगों से सब कुछ परमात्मा को सौंप देने का आह्वान किया। कहा कि भगवान शिव के गले में पड़े सर्प काल का प्रतीक है। कालजयी होने से सर्प उनका कुछ बिगाड़ नहीं सकते। सांप को धन की लोलुपता का प्रतीक बताया। कहा कि सांप धन पर कुंडली मार कर बैठा रहता है। अंत समय में मनुष्य शरीर का त्याग करते समय धन का चितंन करता है, तो उसे सर्प योनि में जाना पड़ता है। यदि जीव अपने आप को भगवान शिव को समर्पित कर देता है तो प्रभु उसके समस्त दुर्गुणों सहित उसे स्वीकार करते हैं। उसके विकारों को नष्ट कर उसे निर्मल बना देते हैं ताकि जीव प्रभु की समस्त कृपाओं को पा सके। परमात्मा के धाम को पाकर जीवन मरण के चक्र से छूट जाए। इस मौके पर बडी़ संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद थे। इसी तरह ज्ञानपुर नगर के विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित श्रीराम कथा सुनने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। ठंड के बावजूद भी लोग कथा सुनने में तल्लीन रहे। यहां कथा मर्मज्ञ ने भगवतभक्ति की महिमा का बखान किया।