ज्ञानपुर। जिले में बीते 24 घंटे से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने पांच साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले में 24 घंटे में रिकाॅर्ड 71.2 एमएम (मिलीमीटर) बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार ऐसा पहली बार हुआ जब 10 जुलाई को एक दिन में 71.2 एमएम बारिश हुआ हो। खास बात यह है कि जुलाई में अब तक 10 दिनों में जहां 90 एमएम के करीब बारिश दर्ज की गई है। वहीं एक दिन में ही 71.2 एमएम बारिश से किसान खुश हैं। बारिश से तापमान में कमी आई है। तो वहीं कई स्थानों पर जलभराव की समस्या रही।
पूरे जिले में बुधवार को बारिश हुई। जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली है। मोढ़, औराई, चौरी, सुरियावां, देईपुर, कस्तुरीपुर, देवनाथपुर, भुडकी, भिदिऊरा आदि सहित विभिन्न क्षेत्रों में एक सप्ताह में एक साथ अच्छी बारिश हुई है।
बुधवार सुबह से ही मौसम सुहाना रहा। दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई। पिछले एक सप्ताह से कमजोर चल रहा मानसून ने फिर से अपनी लय पकड़ता दिख रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बताया 14 जुलाई तक मानसून सक्रिय है। इससे नियमित बारिश ने अभी तक जुलाई माह में बारिश रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शुरु के 10 दिन में ही 90 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है कि 10 जुलाई के दिन 24 घंटे में 71.2 मिमि बारिश हुई हो।
वहीं बारिश होने के कारण शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में तमाम स्थानों पर जलभराव की स्थित रही। गांव की पगडंडी मार्ग कीचड़ में सन गई। देवनाथपुर, भिदिऊरा, दईपुर, गोपीगंज, कडोर आदि सहित विभिन्न गांव के पगड़डी मार्ग पर आवागमन के दौरान राहगीराें को दिक्कतें हुई।
810 की ओपीडी, इमरजेंसी में 35 का इलाज
ज्ञानपुर। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में बुधवार को 810 मरीजों की ओपीडी रही। इमरजेंसी में 35 मरीज पहुंचे। जिन्हें जांच पड़ताल कर दवा उपलब्ध कराई गई। फिजिशियन डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि बदलते मौसम के बीच सतर्कता बेहद जरुरी है। बारिश से भीगने पर सर्दी जुकाम, बुखार, दाद, खाज सहित अन्य बीमारी हो सकते हैं। सेहत को लेकर सजगता जरुरी है।
धान की फसल के लिए उत्तम है बारिश:
ज्ञानपुर। किसान जटाशंकर, मल्लुराम बिंद, दीपक मिश्रा, सुबाष दूबे आदि ने बताया कि यह बारिश धान की फसल के रोपाई के लिए उत्तम है। बारिश होने के बाद किसान धान की रोपाई के तैयारी में जी जान से जुट गए है। वह रोपाई कार्य तत्काल रुप से शुरु कर देंगे। सिंचाई करके किसान रोपाई कर सकते हैं, खेत में अत्यधिक पानी की जरुरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि नमी पहले से ही बरकरार है।