ज्ञानपुर। कोटेदारों और आपूर्ति विभाग की मनमानी से गरीबों तक राशन नहीं पहुंच पा रहा है। राशन कार्ड की सूची में अपात्रों को पास और पात्रों को फेल करने का खेल चल रहा है। इससे हर रोज बड़ी संख्या में शिकायत लेकर लोग आपूर्ति विभाग के कार्यालय में पहुंच रहे हैं। उन्हें पात्रता की जांच कराकर सूची में शामिल कराने का आश्वासन देकर टरका दिया जाता है। राशनकार्ड में सबसे ज्यादा गड़बड़ी की शिकायत डीघ और अभोली ब्लॉक से आ रही है। राशन वितरण में पारदर्शिता के लिए प्रदेश सरकार ने ई-पॉश मशीन और राशनकार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू की है। इसके बाद भी राशन माफिया पूरी तरह से सक्रिय हैं। कोटेदार और विभागीय अधिकारी ही शासन के इरादे पर पानी फेर दे रहे हैं। इनके खेल में राशनकार्ड के लिए आवेदन करने वाले अपात्र पास और पात्र फेल हो जा रहे हैं। इसकी शिकायत के लिए हर रोज जिला आपूर्ति कार्यालय से लेकर डीएम और एसडीएम के यहां पीड़ित पहुंच रहे हैं। उनका आरोप है कि पूर्व में उन्हें राशन मिल रहा था, लेकिन ऑनलाइन की फेर में उनकी जगह अपात्रों के नाम चढ़ा दिए गए हैं। बुधवार को अभोली क्षेत्र के चतुरीलाल गौतम, नन्हकू, सूर्यनाथ, शिवपाल और तारक कुमार ने बताया कि पात्रता सूची से उनके नाम गायब कर दिए गए हैं। इसके लिए वह चार महीने से ज्यादा समय से विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। आपूर्ति विभाग की ओर से जल्द सत्यापन कराकर सूूची से अपात्रों का नाम काटकर पात्रों का नाम चढ़ाने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। जिलापूर्ति अधिकारी अमित कुमार तिवारी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर सत्यापन की जिम्मेदारी सेक्रेटरी की होती है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर सूची में फेर-बदल किया जाता है। ऐसे में गरीबों को राशन नहीं मिलने का जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब विभाग के पास भी नहीं है।