ज्ञानपुर। मोदी सरकार के आखिरी बजट को लेकर सभी वर्ग में उत्साह है। किसान भी कम आशान्वित नहीं हैं। सोमवार को अमर उजाला से बातचीत में बजट को लेकर संभावनाओं और उम्मीदों पर जिले के प्रगतिशील किसानों ने खुलकर रायशुमारी की। कहा कि कृषि प्रधान देश में अर्थव्यवस्था की गाड़ी तभी सरपट दौड़ेगी, जब बजट में कृषि पर विशेष ध्यान दिया जाए।
चकसुंदर गांव निवासी प्रगतिशील किसान राम अकबाल तिवारी ने कहा कि इस बजट से किसानों को खासी उम्मीदें हैं। बजट में जैविक खेती को बढ़ावा देने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। दलहन और तिलहन की खेती को मनरेगा से जोड़ा जाना चाहिए। पांच हॉर्स पावर तक के किसानों की बिजली माफ कर दी जाए तो किसानों को काफी सहूलियत मिलेगी। गोपीपुर के रघुनाथ मालवीय ने कहा कि किसानों को हमेशा खाद-बीज की समस्याओं से जूझना पड़ता है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो किसानों को मायूसी मिलेगी। सिंहपुर के सुभाष पांडेय ने कहा कि कृषि क्षेत्र को विशेष पैकेज देने की जरूरत है। किसानों की आय दोगुनी करने की बात तभी होगी, जब उन्हें उपज का सही मूल्य मिले। इसलिए एमएसपी भी समुचित होना चाहिए। इसके बारे में भी निर्णय होना चाहिए। भिखारीपुर के सुरेश चंद्र पांडेय ने कहा कि खेतीबारी में किसानों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की सहूलियत की दिशा में सोचा जाना चाहिए।