भदोही। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के नेतृत्व में बृहस्पतिवार को अजीमुल्लाह चौराहे पर संविधान बचाओ-लोकतंत्र बचाओ सभा का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि सांप्रदायिक शक्तियों के चलते संविधान और लोकतंत्र खतरे में पड़ गया है। इससे आम जनता के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। इसे आम जनता ही बचा सकती है।
भाकपा के राज्य कार्यकारणी सदस्य फूलचंद यादव ने कहा छह दिसंबर 1992 में लोकतंत्र का मजाक बनाया गया था। सांप्रदायिक शक्तियों ने सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास किए थे। नफरत का जहर बोया गया था। वह भी केवल देश पर राज करने के लिए। सीपीएम के जिलामंत्री जगन्नाथ मौर्य ने कहा कि सत्ता बचाए रखने के लिए अब देशी और विदेशी पूंजीपतियों और सांप्रदायिक शक्तियों के बीच गठजोड़ हो गया है। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान की रचना ऐसे की ताकि सभी धर्म पूरे अधिकार के साथ यहां रह सकें।
वक्ताओं ने कहा कि आम जनता के लिए आंखें खोलने और इस तरह की शक्तियों को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है। लोगों से आरएसएस और भाजपा की विचारधारा के विरोध में उठ खड़े होने का आह्वान किया गया। संचालन सुशील श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर मुशीर इकबाल, कमर मलिक, मसूद आलम, शोभनाथ यादव, भुलाल पाल, इजहार खां, अफसर अली, काशीनाथ, चंद्रमा वनवासी, शोभनाथ गौतम, राजेंद्र कनौजिया, जगन्नाथ मौर्य, प्रेमबहादुर गौतम, रामजीत यादव, चंद्रेश त्रिपाठी, ज्ञान प्रकाश, पंधारी यादव आदि ने विचार व्यक्त किए।