गोपीगंज। नगर में मुहर्रम की नवीं तारीख पर बृहस्पतिवार को ताजिए का जुलूस निकाला गया। जुलूस में अखाड़े के लोगों ने फन ए सिपहगिरी का प्रदर्शन किया। इस दौरान इन चौकों पर शिरनी शरबत चढ़ाने और फातेहा पढ़ने का क्रम देर रात तक चलता रहा। अकीकदमंदों ने अलम और दुलदुल के बाद अखाड़ा शेख सलामत अली की तरफ से ताजिए का पहला जुलूस चुड़िहारी मोहाल से निकाला। इसमें या हुसैन-या हुसैन की सदाएं बुलंद करते हुए जुलूस में शामिल लोगों ने फन ए सिपहगिरी का प्रदर्शन करते हुए बड़ा चौराहे, सोनिया तालाब, नई बस्ती होते हुए वापस मोहल्ले में आकर समाप्त किया। दूसरा जुलूस पश्चिम मोहाल स्थित अखाड़ा धूम खां की ओर से रात 12 बजे निकाला गया। इस दौरान जुलूस पश्चिम मुहाल से निकल कर अंजही मोहाल पहुंचा। भगवतपुर के जुलूस में इमाम चौक पर रखे गए ताजिए शामिल हुए। यह जुलूस सदर मोहाल के रास्ते जीटी रोड से वापस पश्चिम मोहाल में समाप्त हुआ। इसमें समुह बना कर लोगों ने ढ़ोल और ताशे के साथ नौहा पढ़ते चल रहे थे। जुलूस में या हुसैन-या हुसैन नारे तकवीर-अल्लाह ओ अकबर की सदाएं बुलंद हुईं। इस दौरान जुलूस में लोगों ने लाठी, बाना, बनेठी, तलवार के साथ फन ए सिपहगिरी का प्रदर्शन करते हुए करतब दिखाए। इस मौके पर सरवर खां, गुलाम मुस्तफा अंसारी, हाजी मुमताज बल्ला, एनुलहक, अकरम देहाती, मोहम्मद हनीफ, मुमताज, नियाज, अख्तर, वसीम आदि शामिल रहे।