विद्युत कटौती के विरोध में वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को संयुक्त रूप से विद्युत विभाग कार्यालय पर धरना देकर नारेबाजी की। अधिशासी अभियंता रामकुमार को मुख्यमंत्री को संबोधित सौंपे ज्ञापन में त्योहारी सीजन का हवाला देते हुए सुधार की मांग की। यह भी कहा कि विद्युत आपूर्ति के मामले में प्रदेश शासन की कथनी और करनी में अंतर है।
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार दिन में 10 बजे मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी व भाकपा माले के चार दर्जन से अधिक महिला पुरुष कार्यकर्त्ता विभाग कार्यालय पहुंच कर धरना प्रदर्शन शुरु किया। धरने के दौरान हुई सभा में किसान सभा के जिलाध्यक्ष, इंद्रदेव पाल ने कहा कि प्रदेश सरकार 24 घंटे आपूर्ति के दावे करती है और यहां दावों की धज्जियां उड़ रही है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नहीं है। जर्जर तारों से आपूर्ति मुश्किल हुआ है। बार बार शिकायत के बाद भी जर्जर तारों को ठीक नहीं किया गया। किसानों के सामने सिंचाई की समस्या खड़ी हो गई है। जबकि बकाया वसूली के नाम पर गरीबों को परेशान किया जा रहा है।
सीपीएम के जिला मंत्री कैलाशनाथ बिंद ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। विभाग में जा रहे उपभोक्ताओं से सुविधा शुल्क मांगा जाता है। नियमित विद्युत बिल नहीं दिया जा रहा है। जिससे लोगों पर अतिरिक्त भार पड़ रहा है।
सीपीआई नेता इजहार खां ने कहा की ट्रांसफार्मर खराबी की समस्याओं को बदलने में ग्रामीणों से वसूली आम बात हो चुकी है। लोकल फाल्ट दूर करने में लाइनमैन धन की मांग करते हैं। अध्यक्षता जगन्नाथ मौर्य व संचालन रामजीत यादव ने किया। रामचंद्र पटेल. भुलाल पाल, बनारसी सोनकर, प्रेमबहादुर, चंद्रेश त्रिपाठी, विनोद उपाध्याय, दिनेश पाल, देवी प्रसाद मौर्य, मुन्नन बेगम, शकीला बेगम, अमरावती देवी, लालमन सरोज, अवधनरायण पटेलअ, राजनाथ गौतम, ओमप्रकाश यादव, छोटे लाल प्रजापति, ज्ञान प्रकाश, बलराम प्रजापति आदि रहे।