ज्ञानपुर (भदोही)।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत जिले के तमाम आला अफसरों के सामने शुक्रवार को रामपुर गंगा घाट पर नौका संचालन की स्याह हकीकत सामने आ गई। लाव-लश्कर के साथ घाट पर पहुंचे पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने पीपा पुल और स्टीमर के अभाव में गंगा में नौका संचालन की दशा देखी तो आंखें फटी की फटी रह गईं। जिलाधिकारी ने मनमानी संख्या में यात्रियों को बैठाकर गंगा में खेई जा रही नावों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए नौका संचालन की सख्ती से मॉनीटरिंग करने का निर्देश दिया। पीडब्ल्यूडी और जिला पंचायत को यात्रियों की सुरक्षा और नौका संचालन की मॉनीटरिंग के लिए एक आदमी तैनात करने का निर्देश दिया।
बागपत में हुई नाव डूबने की घटना के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की टोह ली। शाम करीब पांच बजे जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस कप्तान सचींद्र पटेल दलबल के साथ रामपुर गंगा घाट पर पहुंचे। उनके साथ अपर जिलाधिकारी हरिराम यादव, एएसपी डॉ. संजय कुमार समेत बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे। जिलाधिकारी ने कहा कि रामपुर गंगा घाट पर क्षमता से अधिक यात्रियों को नाव पर लादकर जोखिम उठाया जा रहा है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी को नावों पर यात्रियों के बैठने की क्षमता निर्धारित करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही जिला पंचायत को इसकी मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए उन्हें घाट पर अपना एक आदमी तैनात करना होगा, जो देखरेख करेगा। गौरतलब है कि पीपा पुल टूटने के बाद गंगा में नाव संचालन बेलगाम ढंग से होता है। नाव पर क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर आरपार किया जाता है। मिर्जापुर को भदोही जिले से जोड़ने का यह सबसे सहज मार्ग होने के कारण रामपुर घाट से आने-जाने वालों की संख्या भी अच्छी खासी है।