ज्ञानपुर (भदोही)। लगातार बारिश ने बृहस्पतिवार को लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। भारी बारिश के चलते जिला मुख्यालय समेत जिले के तमाम नगरों में जलजमाव हो गया। कई पेड़ उखड़े गए और कच्चे मकान धराशायी हो गए। जगह-जगह बिजली और टेलीफोन की लाइनें क्षतिग्रस्त होने से बिजली आपूर्ति और टेलीफोन-इंटरनेट सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे के आसपास शुरू हुई रिमझिम देखते ही देखते मूसलाधार बारिश में बदल गई। यह सिलसिला पूरे दिन चलता रहा। जगह-जगह भारी जलजमाव हो गया। ज्ञानपुर नगर में भदोही नगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर तकरीबन सौ मीटर तक घुटने भर पानी लग गया। दुर्गागंज त्रिमुहानी के आसपास गोपीगंज रोड और नगर पंचायत की गली में भी भारी जलजमाव हो गया। बारिश का पानी कई घरों में भी प्रवेश कर गया। बारिश के जोर पकड़ते ही नगर पंचायत की जलनिकासी व्यवस्था मुंह के बल गिरती नजर आई। नगर से बारिश का पानी निकालने के लिए बनाया गया बड़ा नाला भी कारगर साबित नहीं हुआ। लिहाजा इस रोड पर जल जमाव से यातायात ठहर सा गया। हालांकि कुछ वाहन पानी से होकर ही गुजरे। इसी तरह पटेल नगर में भी सड़क पर जलजमाव व्यवस्था को मुंह चिढ़ाता नजर आया।
सीतामढ़ी संवाददाता के मुताबिक, बुधवार से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कोनिया क्षेत्र के कई गांवों में लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। अचानक हुई भारी बारिश से डीघ क्षेत्र के सोनपुर तलवा गांव के पास ग्रामीणों को बारिश के पानी को निकालने के लिए जंगीगंज-धनतुलसी रोड को काटना पड़ा क्योंकि बारिश का पानी बस्ती में जमा हो गया था। इसी सड़क पर मन्नी गांव में पेड़ गिर जाने से आवागमन कई घंटे तक बाधित रहा। हालांकि झमाझम बारिश से धान की खेती की तैयारी में जुटे किसानों की मुश्किलें कम हो गईं। किसानों ने अपने धान की रोपाई शुरू कर दी।
बारिश से इलाके के ताल तलैये लबालब हो गए। उधर, लगातार बारिश से कई कच्चे मकान धराशायी हो गए। इटहरा गांव निवासी दीनानाथ मिश्रा का कच्चा मकान गिर गया। इसी गांव के मुनेश्वर दलित का भी कच्चा मकान बारिश की भेंट चढ़ गया। नारेपार गांव निवासी छोटक मांझी का कच्चा मकान बारिश के चलते गिर गया है। छेछुआ गांव निवासी कल्लू सिंह और चैन यादव के मकान भी गिर गए।
सुरियावां संवाददाता के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण नगर की सड़कों पर चलना दूभर हो गया। गड्ढे में तब्दील हो चुके अभिया मार्ग पर भारी कीचड़ जमा हो जाने से आने-जाने वाले लोग गिरने लगे। ब्लॉक मुख्यालय से वरुणा नदी पुल तक तकरीबन आठ किलोमीटर लंबे इस मार्ग को गड्ढामुक्त नहीं किया गया। इलाके के रमेश शुक्ला, अनिल सिंह, वीरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, मुकेश सिंह, रामप्यारे यादव आदि ने मार्ग को शीघ्र बनवाने की मांग की ताकि बारिश में रोड पर चलना-फिरना आसान हो सके।
महाराजगंज संवाददाता के मुताबिक, बारिश के पानी की निकासी के लिए बनाई जा रही अंडरग्राउंड पाइप लाइन के लिए की गई खोदाई के कारण बाजार की सड़क बारिश में नारकीय हो गई। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और मलबा जमने से आवागमन बाधित हो गया। स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी तरह, औराई, बाबूसराय, चौरी, गोपीगंज आदि इलाकों में भी बारिश से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। इन इलाकों के ज्यादातर गांवों में पूरे दिन बिजली नहीं रही।