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वीडियोकान पर 75 हजार क्षतिपूर्ति का आदेश

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ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उपभोक्ता को जरूरी सेवाएं न देने पर जानी-मानी कंपनी वीडियोकान कंपनी को 75 हजार क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया। साथ ही 2020 से अब तक 26 हजार रुपये पर 12 प्रतिशत ब्याज के साथ रकम अदा करने के लिए कहा। खमरिया के मनऊबीर निवासी राधेश्याम मौर्य ने पांच नवंबर 2020 को आयोग में परिवाद दाखिल किया था। इसमें आरोप लगाया कि मिर्जापुर के अग्रवाल इलेक्ट्रानिक्स से 25 मई 2017 को वीडियोकान का रेफ्रिजरेटर लिया था। दो जनवरी 2020 को तकनीकी खराबी से रेफ्रिजरेटर बंद हो गया। दुकानदार से बात करने पर बताया गया कि टोल फ्री नंबर पर फोन कर सही करा लें। उसके बाद कंपनी के टोल फ्री नंबर पर मिलाया तो मिस्त्री भेजने की बात कही गई। 11 जनवरी 2020 को कंपनी का टेक्निीशियन आया। उसने रेफ्रिजरेटर के कुछ हिस्से में बदलाव के लिए पैसे की मांग की। इस पर वह मान गया। पैसे देने के बाद भी सुधार न होने पर टेक्निीशियन ने कई खामियां बताकर खराब होने की पुष्टि की। कहा कि तीन साल के अंदर खराब हुआ है जिससे बदला जा सकता है। 12 जून 2020 को कंपनी की ओर से मेसेज आया कि आपका रेफ्रिजरेटर बुकिंग कैंसल किया जाता है। इससे परेशान होकर परिवादी राधेश्याम ने उपभोक्ता आयोग में वाद दाखिल किया, जिसमें कहा कि उसे कंपनी की ओर से पैसा लेने के बाद भी जरूरी सेवाएं मुहैया नहीं कराई गई। उसे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया गया। तथ्यों और जरूरी अभिलेखों के आधार पर आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, सदस्य दीप्ति अग्रवाल और विजय बहादुर सिंह ने परिवाद को स्वीकार करते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। इसमें वीडियोकान कंपनी को महीने भर के अंदर रेफ्रिजरेटर की कीमत 25 हजार 200 और परिवादी की क्षति प्रतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया। इसके अलावा जनवरी 2020 से अब तक रेफ्रिजरेटर पर खर्च धनराशि पर 12 प्रतिशत साधारण ब्याज भी अदा करने का निर्देश दिया। तकनीशियन
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