बीएसए कार्यालय में निपुण स्कूल की बैठक लेते बीएसए शिवम पांडेय। स्रोत विभाग
ज्ञानपुर। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा। बच्चों का मूल्यांकन और निपुण विद्यालय आकलन के लिए 74 टीमें लगाई गई हैं। 148 डायट प्रशिक्षु हर रोज कम से कम दो से तीन विद्यालय में पहुंचेगे। 27 जनवरी से चार फरवरी तक होने वाले कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बुधवार को बीएसए शिवम पांडेय ने प्रशिक्षुओं की बैठक ली। उन्होंने तय तिथि पर स्कूलों के निपुण आकलन को पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। बीएसए ने बताया कि जिले के 739 स्कूलों में कक्षा एक एवं दो के छात्रों के शैक्षिक स्तर का मूल्यांकन किया जाएगा। इससे उनकी पठन, लेखन एवं संख्यात्मक दक्षता का वास्तविक आकलन किया जा सके। 150 विद्यालय पहले ही निपुण हो चुके हैं। शेष विद्यालयों में इसे पूरा कराया जाना है। आकलन कार्य को पूर्ण कराने के लिए 74 टीमों का गठन किया गया है। इनमें 148 डायट प्रशिक्षुओं को शामिल किया गया है। ये टीमें निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालयों में जाकर छात्रों का मूल्यांकन करेंगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि निपुण विद्यालय आकलन शासन की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य बच्चों के वास्तविक शैक्षिक स्तर की पहचान करना है। उन्होंने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे आकलन कार्य को ईमानदारी, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न करें। उन्होंने सभी शिक्षकों से भी अपील की कि वे आकलन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। शुचिता के साथ आकलन कार्य कराएं। बीएसए ने कहा कि आकलन प्रक्रिया को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने के लिए निपुण लक्ष्य एप के माध्यम से मूल्यांकन किया जाएगा।