भदोही। गर्मी की छुट्टियां कुछ ही दिनों में शुरू हो जाएंगी लेकिन मुंबई, हावड़ा और सूरत की ओर जाने वाली ट्रेनों में पांच जुलाई से पहले बर्थ नहीं है। खास बात यह है कि वाराणसी, जौनपुर और मिर्जापुर से बैठने पर भी बर्थ की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। कहा जा रहा है कि रेलवे ने विशेष व्यवस्था न होने से आने वाली छुट्टियों में भी आरक्षण दलालों की चांदी रहेगी। टिकट पाने के लिए लोग अभी से ही गुणा गणित में लग गए हैं।
गर्मी की छुट्टियों में स्कूली बच्चों को घूमने जाना होता है। बच्चों की छुट्टी होते ही बड़े भी संबंधियों के यहां जाने का प्लान बना ही लेते हैं लेकिन तब रोड़ा बनकर आ जाता है ट्रेनों में आरक्षित बर्थ की अनुपलब्धता। यह हाल हर वर्ष गर्मियों में होता है इस बार भी हालात पहले जैसे ही हैं। भदोही से लोकमान्य तिलक को जाने वाले के लिए तीन ट्रेनें हैं। दो ट्रेनें जंघई होकर जाती हैं जबकि वाराणसी जो पूर्वांचल का प्रमुख स्टेशन है वहां से सात ट्रेनें हैं लेकिन आज की स्थिति यह है कि 2 जुलाई से पहले किसी ट्रेन में बर्थ नहीं हैं। भदोही होकर जाने वाली 15018 गोरखपुर-दादर में 7 जुलाई, 11072 कामायनी एक्सप्रेस में 2 जुलाई, 12166 रत्नागिरी एक्सप्रेस में 5 जुलाई तक बर्थ नहीं है। इसी प्रकार से वाराणसी से दूसरे रूट से जाने वाली 12168 डुप्लीकेट रत्नागिरी में 4 जुलाई, 11094 महानगरी में 7 जुलाई, 11062 दरभंगा-एलटीटी में 2 जुलाई तथा जंघई से होकर गुजरने वाली 11054 गोदान एक्सप्रेस में 21 जुलाई व 11054 आजमगढ़ - एलटीटी में 12 जुलाई तथा गोरखपुर-एलटीटी में 5 जुलाई से पहले बर्थ नहीं है। आम तौर पर मुंबई के लिए ही सर्वाधिक मारा मारी होती है। लेकिन अमृतसर, देहरादून, हावड़ा और सूरत के लिए भी बर्थ के लिए लोगों के आरक्षण केंद्र के चक्कर लगाने का दौर शुरू हो गया है। लेकिन लोगों को मायूसी हांथ लग रही है। नगर के नदीम सिद्दीकी का कहना है कि अब लोग थक हार कर दलालों के शरण में जाएंगे ही और तब दलाल औने पौने दाम में टिकट देंगी।