औराई। उप जिलाधिकारी कविता मीना ने बृहस्पतिवार को बिना अधिवक्ताओं के ही कोर्ट की सुनवाई की। इस दौरान एक-एक कर फरियादियों की बात सुनी और फाइलें सुरक्षित रखती गईं। तहसील के अधिवक्ता एक साथी अधिवक्ता की भाभी के न1िधन के कारण शोक घोषित कर न्यायिक कार्य से विरत हो गए थे। इस प्रकरण की पूरे दिन चर्चा रही।
बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने एक साथी अधिवक्ता की भाभी के असामयिक निधन पर शोक घोषित कर कार्य से विरत रहने की घोषणा कर दी। इसकी लिखित सूचना दोनों कोर्टों में दी गई। तहसीलदार कोर्ट में इसका पालन हुआ, लेकिन एसडीएम निर्धारित समय पर कोर्ट में बैठीं और बिना अधिवक्ताओं के ही मुवक्किलों की पुकार कराने लगीं। दूरदराज से आए फरियादी बिना वकील के एक-एक कर हाजिर होते गए और एसडीएम को फरियाद सुनाते गए। उनकी बातों को सुनकर एसडीएम फाइलें सुरक्षित रखती गईं। अधिक्ता न्यायालय परिसर में हो हल्ला न मचाएं, इसके लिए कोतवाली से पुलिस को भी बुला लिया गया। कोतवाल सुनील दत्त दूबे अपनी टीम के साथ न्यायालय परिसर के बाहर पूरे समय तक चक्रमण करते रहे। उधर अधिवक्ता चुपचाप रहकर सारे क्रियाकलाप को देखते रहे। बिना अधिवक्ता के कोर्ट चलने की बात पर एसडीएम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि बार-बार कंडोलेंस से न्यायिक कार्य बाधित होता है और दूर दराज से आने वाले मुवक्किल परेशान होते हैं। मैंने सुप्रीम के निर्देश का पालन करते हुए कोर्ट की कार्यवाही पूरी की। उधर तहसील बार संघ के महामंत्री राजीव राय ने टेलीफोन पर एसडीएम पर हठवादिता करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे अधिवक्ता खिन्न हैं। शुक्रवार को अधिवक्ता बैठक करेंगे, जिसमें अग्रिम रणनीति तय की जाएगी।