ज्ञानपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह सचान बुधवार को जिले में थीं। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और उनसे जुड़े मामलों को समय पर निपटाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। कहा कि महिला सुरक्षा के साथ किसी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ ही महिलाओं की समस्याएं भी सुनीं। पुलिस विभाग के लचर रवैये पर नाराजगी जताते हुए सुधार करने को कहा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों की कार्यशैली को गंभीरता से लिया जाएगा। महिलाओं को बार-बार थानों का चक्कर न लगाना पड़े। पीड़ित महिला की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए दोषी के विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। महिलाओं के उत्पीड़न की शिकायतों को दोनों पक्षों को समझाकर सहमति के आधार पर निस्तारित करें। उन्होंने महिला उत्पीड़न से जुड़े आठ प्रार्थना पत्रों में तीन का मौके पर निस्तारण किया। उन्होंने पुलिस विभाग के अफसरों से कहा कि आगामी समीक्षा बैठक में एक भी प्रकरण लंबित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले की कई महिलाओं ने उन्हें फोन की शिकायतें की हैं कि थानों में पुलिस उनकी बातों को नहीं सुनती। भविष्य में ऐसी शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। इस मौके पर सीओ औराई रामकरन, महिला थानाध्यक्ष शोभा पांडेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा, प्रभारी डीपीओ सुजीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
बालिका और वृद्धा आश्रम का भी लिया जायजा
राज्य महिला आयोग की सदस्य अनीता सिंह सचान ने जिले के जनक समिति गोपीगंज महिला अल्पावास, महिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया। समाज कल्याण, महिला कल्याण विभाग और स्वयंसेवी संगठनों की ओर से संचालित बालिका गृह और वृद्धा आश्रम का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिले की कई महिलाओं ने उन्हें फोन की शिकायतें की हैं कि थानों में पुलिस उनकी बातों को नहीं सुनती। भविष्य में ऐसी शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए।