भदोही। कालीनों में भारतीय संस्कृति और कला का समावेश हो तो उसके खरीदार और अच्छी कीमत मिल जाती है। यही कारण है कि युवा कालीन कारोबारियों में भारतीय धरोहरों की पहचान कराती कालीनें बनाने की ओर रुझान बढ़ा है। ऐसे ही वाराणसी के नारद घाट को उकेरती कालीन कारपेट एक्सपो में आकर्षण का केंद्र बन गई है। भदोही के ओएसी रग्स कंपनी के मो. आरफा नसीम अंसारी को फोटोग्राफी का शौक है। एक दिन उन्होंने वाराणसी के नारद घाट की फोटो अपने कैमरे में उतार ली। तस्वीर देखने के बाद उन्होंने नारद घाट को कालीन में उतारने की ठानी। उनकी लगन और मेहनत का नतीजा हुआ कि पांच महीने में आकर्षक कालीन बन कर तैयार हो गई। यह कालीन वाराणसी में चल रहे कारपेट एक्सपो में लोगों को खूब भा रही है। अरफा बताते हैं कि सात फीट चौड़ी और पांच फीट लंबी हस्तनिर्मित कालीन पर नारद घाट को हूबहू चित्रित किया गया है। शुद्ध ऊन से बनी इस कालीन की कीमत पांच लाख रुपये है। कहा कि इस तरह के खास कालीन तो एक ही पीस तैयार की जाती हैं, लेकिन खरीदार मिलने पर और कालीनों का उत्पादन किया जाता है। अरफा ने बताया कि कई और धरोहरों पर काम कर रहे हैं।