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पीएम आवास के 500 अपात्रों से हुई दो करोड़ की रिकवरी

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ज्ञानपुर (भदोही)।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना में तथ्य छिपाकर आवास हथियाने वाले पांच सौ अपात्रों से प्रशासन ने करीब दो करोड़ की रिकवरी करा ली है। आवास आवंटन के बाद जारी की गई पहली किश्त के 40 हजार रुपये की धनराशि अपात्रों ने प्रशासन के खाते में भेज दी है। ये लोग जांच के दौरान 30 से अधिक गांवों की जांच में अपात्र मिले थे। इसके बाद भी कई गांवों में आवास आवंटन की जांच चल रही है। रिपोर्ट आने के बाद अपात्र पाए जाने वालों से वसूली की जाएगी।
जिले की 561 ग्रामसभाओं में आवास विहीन लोगों को छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना लागू की है। इस योजना के तहत, लाभार्थियों को तीन किस्तों में एक लाख 20 हजार रुपये आवंटित किया जाते हैं। जिले के छह ब्लॉकों में सर्वे कराकर वित्तीय वर्ष 2016-17 में 5917 और 2017-18 में 3372 समेत कुल नौ हजार से अधिक लाभार्थियों का आवास के लिए चयन किया गया था लेकिन आवास आवंटन में ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों की जमकर मनमानी चली। मानक और नियम को ताख पर रखकर चहेतों को आवास आवंटित कर दिया गया। लाभार्थियों को आवास आवंटन के साथ ही 40-40 हजार की पहली किस्त जारी की गई। किस्त जारी होने के बाद संबंधित गांवों में ग्रामीणों को अपात्रता की भनक लगी तो जिलाधिकारी से लेकर सीडीओ कार्यालय तक शिकायतें शुरू हो गईं। जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच कराई। जांच में एक-एक गांव में 15 से 25 अपात्र मिलते गए। जांच में तकरीबन डेढ़ माह में 500 से अधिक अपात्र लाभार्थी मिले। जांच के बाद तीन ग्राम पंचायत अधिकारियों पर जहां कार्रवाई की गई, वहीं अपात्रों से सरकारी धन की रिकवरी का आदेश दिया गया। प्रशासनिक सख्ती के चलते अपात्रों ने 40 हजार रुपये की दर से करीब दो करोड़ रुपये सरकारी खजाने में वापस कर दिया। हालांकि अब भी कई गांवों की जांच चल रही है।
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अब तक करीब 500 अपात्रों से दो करोड़ की रिकवरी की जा चुकी है। जैसे-जैसे जांच में अपात्र मिल रहे हैं, उनसे सरकारी धन की वसूली की जा रही है। सरकार की किसी भी योजना में अपात्रों को लाभ नहीं लेने दिया जाएगा। - हरिशंकर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी
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