सुरियावां। नगर से सटे ऐतिहासिक बावन बीघा तालाब एवं मंदिरों का विकास होगा। इसके लिए शासन ने 6.22 करोड़ की स्वीकृति प्रदान कर दिया है। अमृत-2 योजना में तालाब और मंदिरों का सुंदरीकरण किया जाएगा। इसके लिए पहली किस्त के रूप में 1.14 करोड़ जारी हो गया है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने पर जल्द ही काम शुरू होगा।
प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित कर रही है। सीतामढ़ी, सेमराध समेत 20 से अधिक धार्मिक स्थलों में विकास कार्य चल रहा है। सुरियावां नगर से सटे बावन बीघा तालाब पर हनुमान जी की काफी पुराना मंदिर है। यहीं पर भगवान शिव समेत अन्य देवी-देवताओं का मंदिर है। अमृत-2 योजना में कुछ महीने पहले प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। जिसकी अब प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।
केंद्रांश और राज्यांश को मिलाकर कुल छह करोड़ 22 लाख रुपये खर्च होंगे। इसमें मंदिर के साथ ही तालाब का सुंदरीकरण किया जाएगा। मंदिर को जहां भव्य बनाया जाएगा वहीं लोगों को ठहरने और बैठने की सुविधा भी की जाएगी। संयुक्त सचिव नगरीय निकाय देवेश मिश्रा ने 1.14 करोड़ की पहली किस्त को जारी कर दिया। तीर्थक्षेत्र के विकास की खबर मिलने पर अमित उपाध्याय, आलोक उपाध्याय, जयचंद यादव, आशीष वर्मा आदि ने खुशी जाहिर किया। अधिशासी अधिकारी सुजीत कुमार ने बताया कि अमृत-2 योजना में बावन बीघा क्षेत्र का विकास होगा। 6.22 करोड़ में पहली किस्त 1.14 करोड़ जारी किया गया है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने पर काम शुरू होगा।