ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। जिला प्रशासन ने फ्लाइंग स्क्वॉड समेत अन्य टीमें गठित कर तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सोमवार को जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद और पुलिस कप्तान राजेश एस ने प्रेस वार्ता कर पुलिस और प्रशासन की तैयारियों की जानकारी दी। कहा कि चुनाव में पारदर्शिता भंग करने की किसी भी तरह की कोशिश को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि जिले में 16 अप्रैल को अधिसूचना जारी होगी। 23 अप्रैल तक नामांकन, 24 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच, 26 को नाम वापसी और 12 मई को मतदान होगा। उन्होंने कहा कि 10 मार्च को चुनाव की घोषणा होने के बाद आचार संहिता प्रभावी हो गया। तीनों एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ समेत अन्य राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों संग कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि किसी भी राजनीतिक दल के लगे पोस्टर-बैनर को हटवा दें। उन्होंने कहा कि फ्लाईंग स्क्वॉड टीमें तीनों तहसीलों में गठित की गईं हैं। इनमें एसडीएम के अलावा तीन-तीन अधिकारी शामिल हैं। इसी तरह स्टेटिक स्क्वॉड टीम, आईटी सेल टीम आदि का गठन कर लिया गया है। आईटी टीम सोशल मीडिया की गतिविधियों पर नजर रखेगा। बताया कि जिले की तीनों विधानसभाओं में सात सौ मतदान केंद्रो पर 1293 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। 70 से 80 मतदान केंद्रों पर सुविधाएं पूरी की जानी है, जिसे एक पखवाड़े में पूर्ण करा लिया जाएगा। 11 लाख 53 हजार 828 वोटर अब तक हैं। नामांकन के एक सप्ताह पहले तक यह संख्या घट-बढ़ सकती है। एसपी राजेश एस ने कहा कि पुलिस चुनाव को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। जरूरत के मुताबिक सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता कि
356 हिस्ट्रीशीटर, नौ इनामियां अपराधी
ज्ञानपुर। पुलिस अधीक्षक राजेश एस ने कहा कि जिले में 356 हिस्ट्रीशीटर और नौ इनाम घोषित अपराधी हैं। 50 से अधिक हिस्ट्रीशीटर विभिन्न जेलों में बंद हैं। आचार संहिता के बाद इन पर विशेष नजर रखी जाएगी। वाराणसी, जौनपुर, प्रयागराज और मिर्जापुर की सीमाओं पर बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। एक-एक वाहनों की विधिवत जांच होगी।
सी-विजिल ऐप पर करें शिकायत
ज्ञानपुर। लोकसभा चुनाव में निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं, प्रत्याशियों के लिए ऑनलाइन शिकायत और प्रार्थना पत्र देने के लिए ऐप निर्धारित किया है। सुविधा ऐप पर प्रत्याशी या पार्टी जुलूस, सभा आदि के लिए प्रार्थना पत्र दे सकेंगेे। ऑनलाइन मांग के बिना उन्हें अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी तरह सी-विजिल ऐप पर मतदाता कोई भी शिकायत या वीडियो भी अपलोड कर सकेंगे। एडीएम राम सिंह वर्मा ने कहा कि ऐप की शिकायत का 100 घंटे के अंदर निस्तारण होगा।