ज्ञानपुर/औराई। सिक्सलेन निर्माण के चलते से उड़ रही धूल से औराई चौराहा समेत हाईवे के किनारे स्थित बाजार के लोगों को सांस लेना भी दूभर हो गया है। धूल के गुबार से लोग विभिन्न बीमारियों के चपेट में आने लगे हैं। स्थिति यह हो गई है कि व्यापारी दुकानदारी भी नहीं कर पा रहे हैं।
प्रयागराज से वाराणसी तक हाईवे को सिक्सलेन बनाया जा रहा है। करीब आठ से 10 महीने से शुरू काम कच्छप गति से चल रहा है। सिक्सलेन बनाने के लिए जीटी रोड की सर्विस लेन को तोड़कर गिट्टी डाली दी गई है लेकिन उस पर पानी का छिड़काव नहीं हो रहा है। इससे 24 घंटे छोटे और बड़े वाहनों के गुजरने से धुल का गुबार लोगों की मुसीबत बढ़ा रहा है। रफ्तार भरने वाले वाहनों से निकले हवाओं के बीच उठने वाली धूल, गिट्टी के छोटे-छोटे कंकड़ आसपास की दुकानों और वहां बैठने वाले लोगों पर आ रही है। इससे हाईवे के किनारे रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सांस लेते समय धूल आदि शरीर के अंदर जाने से तमाम प्रकार की बीमारी फैल रही हैं। दुकानों पर पहुंचने वाले लोग धूल के गुबार देखकर खाद्य पदार्थ ही नहीं खरीदते। औराई चौराहा ही नहीं बल्कि हाईवे के किनारे स्थित बाबूसराय, महराजगंज, जंगीगंज, गोपीगंज आदि बाजारों के लोग इससे प्रभावित है। कई बार लोगों ने एनएचआई और निर्माण एजेंसी को प्रार्थना पत्र देकर पानी के छिड़काव की मांग भी की, लेकिन उस पर अमल नहीं किया गया। औराई के राजेंद्र प्रसाद दूबे, वीरेंदर सिंह, श्याम मिश्रा, बच्चन केसरी, मिठाई लाल, राज नारायण यादव, दशरथ सोनकर, प्रभाशंकर मिश्रा ने खोदी गई सड़क पर पानी के छिड़काव की मांग की। चेतावनी दिया कि पानी का छिड़काव न होने से वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
धुल का गुबार सेहत के लिए घातक
ज्ञानपुर। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि धुल के गुबार में तमाम प्रकार के कण होते हैं, जो शरीर के लिए घातक होते हैं। इससे दमा, फेफड़े से जुड़े तमाम रोग फैलने की आशंका बढ़ जाती है। आसपास रहने वाले लोग मास्क लगाकर रहें तो बेहतर होगा।