ज्ञानपुर। गत दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर भदोही जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) तो घोषित कर दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। लगभग 16 लाख आबादी वाले जिले में 57 हजार परिवार अब भी ऐसे हैं, जिन्हें शौचालय नसीब नहीं हो सका है। जिला प्रशासन के ताजा सर्वे में यह हकीकत सामने आई है। इससे पूर्व जिला प्रशासन ने जिले की सभी 561 ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर अपनी पीठ थपथपा ली थी।
नए सर्वे में 57 हजार परिवार शौचालय से वंचित मिले हैं। जबकि 2012 के बेस लाइन सर्वे के हिसाब से जिले को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। विभाग शौचालय निर्माण के लिए शासन से बजट का प्रस्ताव भेजने की कवायद में जुट गया है। देश में 2014 में भाजपा की सरकार बनी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छता को मिशन के रूप में प्रभावी किया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव और नगर को खुले में शौच से मुक्त करने की मुहिम शुरू की गई। 2012 के बेस लाइन सर्वे के अनुसार जिले में दो लाख 39 हजार शौचालय बनने थे, जिनमें 66 हजार शौचालय पूर्व के माने गए। जिले की 561 ग्राम पंचायतों में 2012 से लेकर 2018 तक जिले में एक लाख 75 हजार शौचालय का निर्माण किया गया। दो अक्तूबर गांधी जयंती को जिले को प्रशासनिक स्तर से ओडीएफ भी घोषित किया गया, लेकिन बड़ी संख्या में लोग शौचालय से वंचित रह गए। मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रशासन की ओर से सर्वे कराया गया तो 57 हजार परिवार शौचालय से वंचित मिले। ऐसे परिवारों को संतृप्त करने की कवायद में जिला पंचायत राज विभाग जुट गया है। शौचालय निर्माण पर आने वाले खर्च का प्रस्ताव विभाग की ओर से तैयार किया जा रहा है। स्वच्छता मिशन के जिला समन्वयक सरोज पांडेय ने कहा कि स्वच्छता मिशन के लिए सभी को जागरूक होने की जरूरत है। गोष्ठी, बैठकों के माध्यम से गांव-गांव में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी ने कहा कि नए सर्वे में 57 हजार परिवार शौचालय से वंचित मिले हैं। 12 हजार प्रति शौचालय की दर से बजट का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बजट मिलने के बाद उक्त शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।