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पुलिस की पाठशाला में दी कानूनी जानकारी

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सुरियावां। ‘पुलिस के लोग अगर सीट बेल्ट लगाकर नहीं चलते तो यह गलत है। उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। हमने जिले में कार्रवाई की भी है। कानून सभी के लिए बराबर है। उसे तोड़ने की इजाजत किसी को नहीं है...।’ पुलिस कप्तान राजेश एस ने छात्र-छात्राओं को सामान्य पुलिसिंग की जानकारी देते हुए यह बातें कहीं। वह बृहस्पतिवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सुरियावां के बीपीएमजी पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली विधिवत समझाई और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। साइबर क्राइम को मौजूदा समय का तेजी से बढ़ता हुआ अपराध बताते हुए उन्होंने कहा कि आप में से बहुत से लोग फेसबुक और अन्य सोशल साइट्स का उपयोग करते होंगे। इन्हें चलाते समय सतर्क रहें। कभी भी अपनी निजी जानकारी, मोबाइल नंबर और फोटो को फेसबुक पर अपलोड न करें। खास तौर पर लड़कियों को इसके लिए खास सजग रहना चाहिए। एक छात्रा के प्रश्न का जवाब देते हुए एसपी ने कहा कि पुलिस का नंबर 100 और 1090 हेल्पलाइन नंबर को दिमाग और मोबाइल में फीड कर लें। किसी भी आपातकाल की स्थिति में फौरन इस पर सूचित करें। पुलिस आपकी मदद के लिए खड़ी मिलेगी। उन्होंने यातायात नियमों के बारे में भी बताया। कहा कि सड़क पर चलते समय खुद सुरक्षित रहने के लिए सामने वाले की गतिविधियों पर भी पूरी नजर रखनी है। इन सबके बाद सामान्य आदमी की खुद की जागरूकता सबसे जरूरी है। जो न केवल उसकी स्वयं की, बल्कि पुलिस के लिए भी मददगार साबित होती है, जो सबसे बड़ा सूत्र है। ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल करें और जागरूक नागरिक बनें। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली और चुनौतियों को करीब से समझने के लिए बच्चों को पुलिस कार्यालयों का विजिट करने का आमंत्रण दिया। कहा कि इससे छात्र-छात्राएं वास्तविकता से परिचित होंगे। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने बच्चों के सवालों के सटीक जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासा दूर की। छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को लेकर भ्रम पालने की जरूरत नहीं, कार्य व्यवहार समझने की जरूरत है। एफआईआर दर्ज करने से लेकर सजा मिलने तक सिस्टम बना हुआ है। सभी कार्य उसी के तहत होता है। केस दर्ज करने के बाद जांच और फिर मामले को कोर्ट में फाइल करने के बाद सजा देने का काम अदालत का होता है। इससे पूर्व यातायात निरीक्षक जेपी यादव ने छात्र-छात्राओं को यातायात से जुड़े नियमों की जानकारी दी। कहा कि सुरक्षा से जुड़े इन नियमों को किताबों में दबे रहने देने से काम नहीं चलेगा। इन्हें दैनिक जीवन में उपयोग में लाना होगा। अंत में धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की प्रिंसिपल फरहीन अंसारी ने किया। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक प्रवीण चौरसिया, एसपी पीआरओ विवेक उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में शिक्षक और स्टॉफ मौजूद था।
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