ज्ञानपुर। नए वर्ष का पहला चंद्रग्रहण 31 जनवरी को लगेगा। इस अद्भुत खगोलीय घटना का जनजीवन पर असर को लेकर ज्योतिष जगत में गहमागहमी बढ़ गई है। जानकारों के मुताबिक इस ग्रहण में चंद्रमा का पूरा बिंब ढंक जाता है, इसलिए इसे खग्रास चंद्रग्रहण कहा जाता है। माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को बुधवार के दिन होने वाला यह ग्रहण खग्रास चंद्रग्रहण होगा। यह ग्रहण पूरे देश में दिखाई देगा। डुहियां के पंडित दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि महावीर पंचांग के अनुसार बुधवार को चंद्रोदय के साथ शाम पांच बजकर 18 मिनट पर प्रारंभ होने वाला यह ग्रहण रात्रि आठ बजकर 42 मिनट पर समाप्त होगा। हालांकि सूतक ग्रहण का आरंभ होने के नौ घंटे पहले ही शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि पूर्वी भारत, असम, नागालैंड, मिजोरम, सिक्किम और बंगाल के पूर्वी क्षेत्र में ग्रहण प्रारंभ होने के पहले ही चंद्रोदय हो जाएगा। इसलिए इन प्रदेशों में खग्रास रूप में चंद्रग्रहण पूरा दिखाई देगा। ग्रहण काल में भोजन न करें। गर्भवती स्त्रियां बाहर न निकलें। उन पर चंद्र की छाया बिलकुल न पड़े इस बात का ध्यान रखें। झूठ न बोलें। निद्रा का त्याग करें। चोरी न करें और किसी भी प्रकार के पाप कर्म से दूर रहें। ग्रहण काल में भगवान शिव या गायत्री मंत्र का जाप करते रहें।