तालाब, चारागाह और सरकारी जमीनों पर से अवैध कब्जा हटाने को लेकर प्रशासन की कवायद तेज हो गई है। भदोही तहसील प्रशासन की ओर से चौरी क्षेत्र के बरैला गांव में 60 मकानों को खाली कराने का नोटिस पहुंचते ही हड़कंप मच गया है। कब्जाधारकों पर 50 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक क्षतिपूर्ति का आदेश जारी किया गया है। नोटिस मिलने पर पांच दशक से रहने वाले ऐसे लोगों में अफरातफरी मच गई है। सभी डीएम से लेकर तहसील का चक्कर लगा रहे हैं।
बरैला गांव में चरागाह और तालाब की जमीन पर बड़ी संख्या में लोगों ने कच्चा और पक्का मकान बनाया है। करीब चार से पांच दशक पूर्व बने मकानों में लोग परिवार संग रहते हैं। गांव के ही एक व्यक्ति ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर कब्जा हटाने की मांग की थी। न्यायालय का आदेश मिलते ही तहसील प्रशासन हरकत में आ गया है। दो दिन पूर्व तहसील की ओर से 60 लोगों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया गया है। नोटिस मिलते ही ग्रामीणों में खलबली मच गई है।
करीब पांच दशक से काबिज लोगों को सूझ नहीं रहा है कि वो क्या करें। जैसे-जैसे समय गुजर रहा है लोगों की धुकधुकी बढ़ती जा रही है। जमीन खाली कराने से परेशान लोगों की मुश्किल क्षतिपूर्ति ने बढ़ा दी है।तहसील की ओर से नोटिस के साथ ही 50 हजार से लेकर एक लाख तक की क्षतिपूर्ति जमा करने के लिए कहा गया है। गांव के छोटेलाल को एक लाख चार हजार क्षतिपूर्ति जमा करने के लिए कहा गया है।उप जिलाधिकारी भदोही रामजी लाल ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश पर जमीन खाली कराने की प्रक्रिया चल रही है। सभी कब्जाधारकों को नोटिस जारी किया गया है। इस आदेश्ा के आते ही कब्जाधारी सकते में हैं। मालूम हो कि प्रशासन ने गत एक माह के अंदर चौरी के अमवा खुर्द, जंगीगंज के महुआरी, दरवांसी, भुड़की, गिरधरपुर में सैकड़ों भवन को ढहाया जा चुका है।