भदोही। वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में तीन अक्तूबर से होने वाले चार दिवसीय इंडिया कारपेट एक्सपो में 60 देशों के 406 आयातक भाग लेंगे। एक्सपो में आने वाले निर्यातकों और आयातकों की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए गए हैं। एक्सपो के आयोजक कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
द्वितीय उपाध्यक्ष हाजी अब्दुल रब अंसारी ने बताया कि क्षेत्रफल और सहभागिता के नजरिए से इंडिया कारपेट एक्सपो डोमोटेक्स (जर्मनी) के बाद दूसरा सबसे बड़ा एक्सपो है।
इसकी सफलता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हर वर्ष इसमें भाग लेने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें 406 आयातक आएंगे। इस दौरान 309 निर्यातक अपने मखमली कालीनों का प्रदर्शन करेंगे। इसमें अमेरिका, जर्मनी, कनाडा, टर्की, ईरान, अफगानिस्तान, अर्जेंटीना, आस्ट्रेलिया, बेल्जियम, ब्राजील, बुल्गारिया, चिली, चीन, कोलंबिया, चेक गणराज्य, डेनमार्क, फ़्रांस, इजराइल, जापान, लक्जमबर्ग, मलयेशिया, नेपाल, नीदरलैंड, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडेन, स्विट्जरलैंड आदि देशों के आयातकों और उनके प्रतिनिधियों ने आने की स्वीकृति दी है। पदाधिकारियों ने बताया कि एक्सपो में विभिन्न राज्यों के निर्यातकों को 309 स्टाल आवंटित किए गए हैं। यह पहली बार है जब स्टालों की मांग के चलते सर्वाधिक 6906 वर्ग मीटर में मेले का आयोजन हो रहा है। इसके बाद भी 20 निर्यातकों को स्टाल के लिए जगह नहीं दी जा सकी। 25 निर्यातक ऐसे होंगे, जिनको बड़े स्टालधारकों की जगह कम करके दी गई है। बताया गया कि यह सीईपीसी का 32 वां मेला होगा। इस दौरान उमेश कुमार गुप्ता, वासिफ अंसारी, हाजी फिरोज वजीरी, ओएन मिश्र बच्चा, संजय गुप्ता, अनिल सिंह, वीके सिन्हा भी मौजूद थे।