जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय परिसर में रविवार को मासिक मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में कुल 563 मामलों को निस्तारण किया गया। आपराधिक मामलोें में कुल 26 हजार चार सौ रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। जबकि स्टैंप के मामलों में 89 हजार तीन सौ रुपये स्टांप कमी वसूल की गई। बैंक प्री लिटिगेशन मामले में 57 लाख 14 हजार रुपये समझौता राशि तय की गई। इसमें आठ लाख 47 हजार रुपये मौके पर वसूल किया गया।
निस्तारित मामलों में अपर जिलाजज तृतीय ने फौजदारी और प्रकीर्णवाद का एक-एक मामला निस्तारित किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अनिरूद्ध मौर्य ने भरण-पोषण के पांच वाद, एसीजेएम परवेज अख्तर ने आपराधिक के 142 मामले में 18 हजार छह सौ रुपये अर्थ दंड वसूल करके निस्तारित किया। जेएम प्रथम पवन कुमार सिंह ने आपराधिक के 87 मामले में 78 सौ रुपया अर्थदंड वसूल करके निस्तारित किया। इसी तरह सहायक आयुक्त स्टांप ने दो वाद निस्तारण कर 89 हजार तीन सौ रुपये अर्थदंड वसूल किया। एसडीएम भदोही ने आपराधि क के 126, एसडीएम ज्ञानपुर विपिन कुमार ने 65 और एसडीएम औराई ने 43 मामले निस्तारित किए।
इसी तरह तहसील ज्ञानपुर जगदीश प्रसाद पांडेय ने राजस्व के 16, औराई के शिवप्रसाद पांडेय ने तीन मामले निस्तारित किए। यूनियन बैंक लोन रिकवरी मामले को प्री लिटिगेशन स्तर पर निस्तारण लोक अदालत में किया गया। जिला जज कमलकिशोर शर्मा ने एक पीठ गठित किया। पीठ अध्यक्ष अपर जिला जज द्वितीय अंगद प्रसाद एवं सदस्य सिविल जज प्रवीण कुमार पांडेय ने बैंक लोन के 72 मामलों का निस्तारण किया। इसमें 57लाख 14 हजार रुपये समझौता राशि तय हुई। आठ लाख 47 हजार रुपया मौके पर वसू ल किया गया। लोक अदालत में क्षेत्रीय प्रबंधक राजीव मिश्र, मंडलीय प्रबंधक गौतम पाठक, जिला अग्रणी प्रबंधक अभिताभ सेन गुप्ता मौजूद रहे।