ज्ञानपुर। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में अब 521 राजस्व गांव मॉडल बनेंगे। पंचायत राज विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। इन गांवों में कचरा प्रबंधन से लेकर साफ-सफाई की विशेष मुहिम शुरू होगी। इसके लिए ग्राम प्रधान और सचिव को कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। गांव को खुले में शौच मुक्त करने एवं साफ-सफाई को लेकर केंद्र सरकार की ओर से 2014 से मुहिम चलाई जा रही है। शुरूआत में दो लाख 35 हजार एकल शौचालय बने और उसके बाद हर गांव में एक से दो सामुदायिक शौचालय बनाए गए। स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने की मुहिम शुरू हुई। 2022 में पांच हजार से अधिक आबादी वाले 17 बड़ी ग्राम पंचायतों को चयनित किया गया। उसके बाद में गंगा से सटे 47 गांवों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए शामिल किया। 2023 में अब पांच हजार से नीचे की आबादी वाले गांवों को भी मॉडल बनाने की तैयारी चल रही है। पंचायत राज विभाग की ओर से कुल 521 गांवों को मॉडल बनाने के लिए चयनित किया जा रहा है। उक्त ग्राम पंचायतों के प्रधान, सचिव, पंचायत सहायक, राजगिर मिस्त्री और अवर अभियंताओं को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण भी देने की तैयारी चल रही है।
जिले के 236 ग्राम पंचायतों के 375 राजस्व गांवों को मॉडल बनाने की योजना है। पहले से 64 ग्राम पंचायतों के 150 राजस्व गांव शामिल हैं, जहां काम चल रहा है। पांच हजार से नीचे की आबादी वाले गांव अब मॉडल बनेंगे। -राकेश कुमार यादव, जिला पंचायतराज अधिकारी भदोही