ज्ञानपुर। धान की खरीद शुरू होने में भले ही अभी एक महीने से अधिक समय है, लेकिन क्रय केंद्रों के निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। विपनण विभाग ने अबकी बार 52 केंद्र खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह संख्या 2022 से करीब 20 अधिक है। केंद्र अधिक होने से किसानों को धान बेचने के लिए दूर नहीं जाना होगा।
जिले में रबी सीजन में गेहूं और खरीफ में धान की मुख्यत खेती होती है। गेहूं जहां 50 हजार हेक्टेयर रकबे में बोई जाती है तो धान 30 से 35 हजार हेक्टेयर में रोपी जाती है। सरकार दोनों सीजन में क्रय केंद्रो के माध्यम से समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीद करती है। धान की फसल अभी तैयार होने में महीने भर से अधिक समय है, जबकि खरीद भी एक नवंबर से शुरू होगी, लेकिन विपणन विभाग अभी से क्रय केंद्रों के निर्धारण में जुट गया है। विपणन विभाग के मुताबिक इस साल धान खरीद के लिए 52 केंद्र खोले जाएंगे। जिसमें विपणन और सहकारिता विभाग के केंद्रों की संख्या अधिक होगी। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि 52 क्रय केंद्र खोले जाएंगे। जिसका प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया है। उन्होंने बताया कि इस साल क्रय केंद्रों की संख्या पिछले साल से 20 अधिक है। जिससे किसानों को अपने नजदीक के समितियों या क्रय केंद्रों पर बेचने में दिक्कत न हो। उन्होंने बताया कि सामान्य धान का समर्थन मूल्य 2183 और ग्रेड ए का 2203 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
ज्ञानपुर। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने देवेंद्र सिंह ने बताया कि धान की बिकी के पूर्व किसानों को विभाग की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया अगस्त से ही आरंभ हो चुकी है। किसी भी जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे या स्वयं के मोबाइल फोन द्वारा इसे पूरा किया जा सकता है। किसान पंजीकरण कराते समय स्वयं का आधार कार्ड एवं खतौनी अवश्य साथ रखें। उन्होंने बताया कि अब तक 600 किसानों ने पंजीकरण कराया है।