ज्ञानपुर। मई महीने में गर्मी का सितम लोगों पर भारी पड़ रहा है। बढ़ता तापमान लोगों को रुला रहा है। आलम यह है कि पंखे जहां लू के संवाहक बन गए हैं वहीं कूलर कुछ हद तक राहत दे रहे हैं लेकिन घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। जिला अस्पताल में रविवार को इमरर्जेंसी में करीब 88 मरीज भर्ती हुए।
मई की 42 से 44 डिग्री तापमान की गर्मी से हर कोई परेशान है। सुबह आठ बजे से धूप इतनी बढ़ जा रही है कि बाहर निकलने से लोग कतरा रहे हैं। जरूरी काम काज नहीं होने से घरों में ही दुबक के बैठना महफूज समझ रहे हैं। अब तो नजारा यह हो गया है कि दोपहर में सड़कें सुनसान हो जा रही हैं। आसमान से बरस रही आग और लू से बचने के लिए महिलाएं दुपट्टा बांधकर तो पुरुष रूमाल से चेहरा ढंक कर ही बाहर निकल रहे हैं। उमस भरी गर्मी से डायरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। रविवार को सरकारी अस्पतालों समेत निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार देखने को मिल रही है। महाराज चेत सिंह जिला अस्पताल रविवार को इमरर्जेंसी वार्ड मरीजों से भरा रहा। आलम यह हो गया है कि एक बेड़ पर दो-दो मरीजों का उपचार किया गया। जिला अस्पताल के इमरर्जेंसी में करीब 88 लोगों का इलाज किया गया। इस दौरान डायरिया, उल्टी, दस्त, संक्रमण, बुखार आदि से पीड़ित मरीजों का इलाज किया गया। डॉ. प्रदीप सिंह ने कहा कि गर्मी से बचने का सबसे अच्छा और सस्ता तरीका है पेय पदार्थों का सेवन किया जाए।