ज्ञानपुर। नवरात्र में बिजली की मनमानी कटौती से लोग झेल गए। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय और आसपास के गांवों में छह घंटे तक बिजली गुल रही। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। इससे पूर्व पिछले आठ दिनों से बिजली की अघोषित कटौती जमकर हुई। रात्रि में भी बिजली कटौती से लोग बेहाल रहे। इसके पीछे विभाग ने चेकिंग अभियान और तारों से टकराने वाली पेड़ डालियों की कटाई-छंटाई की बात कही, लेकिन रात्रिकालीन कटौती लोगों के गले नहीं उतर रही। बृहस्पतिवार को नवरात्र की नवमी का खास दिन था, लेकिन बिजली आपूर्ति के लिए कोई नई बात नहीं। सुबह ठीक आठ बजे बिजली गुल हो गई। इसके बाद 10 बजे के बाद दर्शन हुए। दोपहर तक हर 20-25 मिनट में आवाजाही के बाद दो बजे के आसपास बिजली फिर गुल हो गई। इसबके बाद तकरीबन डेढ़ घंटे बाद दर्शन हुए। इसी तरह शाम को और रात में भी दो से तीन घंटे तक बिजली का गुलगपाड़ा हुआ। इससे त्योहार के उत्साह में जुटे लोग झेल गए। बिजली से होने वाले तमाम कार्य बाधित हुए। लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इससे पूर्व तकरीबन आठ दिनों से दिन में बमुश्किल पांच घंटे ही बिजली मिल पा रही थी। सुबह आठ से 10 बजे तक और दोपहर में दो बजे से साढ़े पांच बजे तक की नियमित कटौती के बाद रात में भी अघोषित कटौती ने लोगों का सिरदर्द बढ़ा दिया था। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह ने कहा कि बिजली चेकिंग अभियान और जगह-जगह तारों को स्पर्श कर रहे हरे पेड़ों की डाल छंटाई काम चल रहा था। इसके कारण बिजली कटौती हुई। अभियान खत्म होने और डाल छंटाई का काम पूरा होते ही बिजली शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति की जाएगी।