ज्ञानपुर (भदोही)।
कुष्ठ रोग पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य महकमे ने कमर कसी है। एबीएसयूएल प्लान के तहत कुष्ठ रोग के संदिग्धों की पहचान आशा स्तर पर की जाएगी। इसके लिए आशाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें जिम्मेदारी दी जाएगी। आशाओं को उनके कार्य क्षेत्र के दायरे में रहने वाले लोगों में लक्षण मिलने पर इसकी रिपोर्टिंग विभाग को करनी होगी। संदिग्धों में कुष्ठ रोग के लक्षण मिलने पर आशाओं को इसका पारितोषिक भी मिलेगा।
मालूम हो कि कुष्ठ रोग को सामाजिक अभिशाप न मानकर एक रोग मानकर इलाज के जरिए इसका निदान करने के लिए पिछले डेढ़ दशक से केंद्र सरकार की ओर से क्रांतिक अभियान चलाया गया है। साथ ही लोगों को इसके प्रति जागरूक कर मरीजों को दवा नि:शुल्क वितरण किया जाता रहा लेकिन जमीन स्तर पर कार्य न होने से शासन की मंशा को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। इससे सबक लेकर स्वास्थ्य महकमे ने एबीएसयूएल (आशा वेस्ट सर्विलिएस आफ लैप्रोसी सस्पेक्ट) प्लान लागू किया गया है। आशाओं को ब्लाकवार प्रशिक्षण शुरू हो गया है। अब तक औराई और सुरियावां ब्लाक की आशाओं का प्रशिक्षण हो चुका है। जबकि अन्य ब्लाकों का शीघ्र ही कराया जाएगा। जिला कुष्ठ अधिकारी आरएस केसरी ने बताया कि माह के पहले सप्ताह में आशाएं कुष्ठ रोग के संदिग्धों की सूची एएनएम को सौंपेगी। एएनएम संबंधित सीएचसी प्रभारी को और सीएचसी से माह के अंतिम सप्ताह में कुष्ठ रोग विभाग में आएगी। बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए इसके क्रियान्वयन को लेकर सक्रियता भी अधिक है।
शून्य दाग धब्बे वाले चिह्नित होंगे
ज्ञानपुर। जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ. आरएस केसरी ने बताया कि संदिग्ध मरीजों को लाने पर आशाओं को प्रति केस ढाई सौ रुपये पारितोषिक दिया जाएगा। आशाओं को अपने कार्य क्षेत्र की आबादी में लोगों के शरीर पर शून्य, दाग और धब्बे की जांच करनी है। संदिग्ध लगने से उसकी रिपोर्ट देगी।