ज्ञानपुर (भदोही)। जिले के गंगा घाटों पर अवैध बालू खनन में संलिप्तता पर निलंबित खान अधिकारी के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से आरोप पत्र तैयार कराया जा रहा है। इस सप्ताह आरोप पत्र तैयार होने पर निलंबित खान अधिकारी जेपी द्विवेदी के खिलाफ मामले की अगली जांच और कार्रवाई की जाएगी। गंगा घाटों से अवैध बालू खनन के मामले में तत्कालीन एसडीएम, सीओ और दो-तीन थानों के एसओ की भी भूमिका संदिग्ध मिली है। ऐसे में उन पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
मालूम हो कि पिछले साल तक जिले में धड़ल्ले से गंगा घाटों से बालू का अवैध खनन हो रहा था। कुछ लोगों ने प्रशासन से इसकी शिकायत की थी। जिले स्तर पर कार्रवाई न होने पर मामला शासन तक पहुंच गया था। इसके बाद मामले की जांच जिले में डीएम के निर्देश पर गठित एडीएम और एएसपी की दो सदस्यीय समिति ने की थी। समिति की जांच में अवैध बालू खनन की पुष्टि हुई थी। अवैध बालू खनन में खान अधिकारी पर खननकर्ता को लाभ पहुंचाने का भी आरोप था। इसकी रिपोर्ट मिलने पर मिर्जापुर के खान अधिकारी जेपी द्विवेदी जिन्हें भदोही का भी प्रभार था। उन्हें अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए निर्देशित किया गया, लेकिन निर्देश का असर न होने पर मई में डीएम विशाख जी ने प्रमुख सचिव से फोन पर शिकायत कर खनन अधिकारी को निलंबित करा दिया। अब शासन से उनके खिलाफ जांच और अगली कार्रवाई के लिए रिपोर्ट मांगी गई है। इस बारे में अपर जिलाधिकारी हरीलाल यादव ने बताया कि डीएम के निर्देश पर निलंबित हो चुके खान अधिकारी के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कराया जा रहा है। उसे शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा।